भड़काऊ मैसेज पोस्ट करने वाले दो और गिरफ्तार
सहारनपुर के शब्बीरपुर कांड और इसके बाद जिले भर में हुई हिंसा ओर बवाल के मामले में दर्ज एफआईआर की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन सेल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसएसपी की ओर से गठित यह सेल पूरे मामले की पड़ताल करेगी। बवाल के बाद सोशल मीडिया के खुराफायितों पर भी पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। भड़काऊ मैसेज पोस्ट करने वाले दो और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पुलिस ने मंगलवार को राष्ट्रीय लोकदल के प्रतिनिधिमंडल को शब्बीरपुर में घुसने नहीं दिया। उधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने शब्बीरपुर गांव में पीड़ितों से मुलाकात कर प्रदेश सरकार कोसा और कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में उठाएगी।
एसआईटी को जांच सौंप दी गई
गिरफ्तार किये गए आरोपी
एसएसपी एके दूबे ने बताया कि जातीय हिंसा में जितने भी मामले दर्ज हुए हैं उनकी जांच एसआईटी को जांच सौंप दी गई है। इस टीम में तकनीकी जानकारी रखने वाले अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। जांच के साथ-साथ चेहरों की पहचान कराकर कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया से जुड़े मामलों की जांच क्राइम ब्रांच की साईबर सेल कर रही है। साइबर सेल ने शुक्रवार को ग्राम मई ताहरपुर के दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। कुल पांच लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
सहारनपुर के गांव शब्बीरपुर में 5 मई को हुआ था बवाल
सहारनपुर बवाल को लेकर एसएसपी बोले
एसएसपी ने बताया कि दलित-राजपूत संघर्ष के पीछे किसका हाथ है और कौन इसे हवा दे रहा है, इसकी जांच कराई जा रही है। भीम आर्मी के नक्सली कनेक्शन के सवाल पर उनका कहना है कि इसकी जांच कराई जा रही है। सहारनपुर के गांव शब्बीरपुर में 5 मई को महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में निकाली जा रही शोभायात्रा का विरोध में किए गए पथराव और आगजनी की घटना और उसके बाद पूरे जिले में 9 मई को हुए बवाल के मामले में अब तक अलग-अलग थाने में 25 एफआईआर दर्ज कराई जा चुकीं हैं। इनमें छह एफआईआर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामलों की हैं। एसएसपी का कहना है कि इस पूरी कवायद के पीछे हमारी मंशा है कि किसी निर्दोष पर कार्रवाई न हो सके और दोषी बच न पाएं। पुलिस के साथ-साथ यह टीम भी अपना काम करती रहेगी।