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सालों से जंग खा रहीं कई मशीनें, संचालन के लिए चालक नहीं

Thu, 19 Jul 2018 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर के गली-मोहल्लों, नाले और सड़क सफाई के लिए कुछ साल पहले खरीदी गईं लाखों रुपये की कई मशीनें नगर निगम में खड़ी जंग खा रही हैं। इसके बावजूद निगम नई मशीनों की खरीदारी में जुटा है। लेकिन चालकों के अभाव में इन मशीनों का संचालन कैसे होगा, इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। बस सफाई के नाम पर नगर निगम का खजाना खाली किया जा रहा है। इन सबके बीच खास बात यह है कि शहर की शायद ही कोई सड़क ऐसी हो, जो मशीन से सफाई किए जाने के मानकों को पूरा करती हो। 
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चालक ही नहीं तो कौन चलाएगा मशीनें 
नगर निगम स्वास्थ्य विभाग में गाड़ी और मशीनों की संख्या कम नहीं है। नई खरीदी जा रही मशीनों को चलाने के लिए निगम के पास चालक भी नहीं हैं। नगर निगम का बोर्ड पहले ही नए कर्मचारियों की भर्ती का विरोध कर चुका है। कर्मचारियों की कमी के कारण शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था भी शुरू नहीं हो पायी है। उसके बाद भी वाहन और मशीनों की खरीद चालू है। माना जा रहा है कि अगर बोर्ड ने चालकों की भर्ती का प्रस्ताव पास नहीं किया तो करोड़ों से खरीदी जा रही मशीनों को सिर्फ जंग ही लगेगा। 

करोड़ों की मशीनों का नहीं कोई उपयोग
नगर निगम ने करीब दो साल पहले 13वें वित्त आयोग से सड़क सफाई के लिए एक विशाल मशीन खरीदी थी। यह मशीन सड़क पर कभी-कभी दिखाई भी देती है। लेकिन शहर में मशीन से सफाई के लायक दो-तीन सड़के ही हैं। इस कारण इस मशीन का कोई उपयोग नहीं है। वहीं नगर निगम के सूरजकुंड डिपो में एक विशाल जेसीवी खड़ी है। ये तो जिस से आई है, सड़क पर निकली ही नहीं। इसकी कीमत करीब एक करोड़ बताई जा रही है। सूरजकुंड के अलावा अन्य वाहन डिपो पर भी यही हाल है। पूर्व में भी कई मशीनें ऐसी मंगवाई गईं, जिनका कोई इस्तेमाल नहीं है। बस खड़े-खड़े सालों से जंग खा रही हैं। 
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चार स्वेपिंग मशीन खरीद की तैयारी 
नगर निगम प्रशासन ने चार नई स्वपिंग मशीन खरीद की तैयारी की है। जनता के सामने मशीन का प्रदर्शन करने के लिए एक मशीन मंगवा भी ली है। बताया जा रहा है कि इस मशीन से डिवाइडरों के बगल में जमा मिट्टी को साफ किया जाएगा। एक मशीन की कीमत करीब 20 लाख है। बुधवार को हापुड़ अडडा चौराहे पर इसका प्रदर्शन भी किया गया। 

चल रही कमीशनखोरी 
नगर निगम में कमीशन खोरी के अलावा कोई काम नहीं हो रहा है। पुराने वाहन चलाए नहीं जा रहे हैं। नए वाहनों की खरीद शुरू कर दी गई है। इसके बाद कर्मचारी भर्ती के नाम पर अवैध वसूली होगी। शहर में ऐसा कोई काम नहीं हो रहा है, जिसका जनता को सीधा फायदा मिले। खरीदी जा रही मशीनों की जांच कराई जाएगी।  -सुनीता वर्मा, महापौर। 

खरीद की नहीं जानकारी
मशीनों की खरीद की जानकारी हमें नहीं है। नगरायुक्त और निगम के अन्य अधिकारी मशीनों की खरीद कर रहे हैं। वाहन डिपो में ऐसी कुछ मशीनें खड़ी तो देखी हैं। जो नई हैं और आज तक चली ही नहीं हैं। 
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-डा. कुंवरसेन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।  
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