श्रद्धापुरी में दो अक्टूबर को संदिग्ध हालात में सिपाही दीपक राघव की मौत पर गुस्साए परिजनों ने मंगलवार को एडीजी ऑफिस पर हंगामा किया। करीब तीन सौ लोगों की भीड़ देखकर पुलिस अलर्ट हो गई। एडीजी ऑफिस पर कई थाने की पुलिस फोर्स लगाई गई। दीपक के परिजनों ने पत्नी और साढू़ पर हत्या करने का शक जताकर शिकायती पत्र दिया। परिजनों ने बताया कि दीपक के शरीर पर चोटों के निशान थे और दो दांत भी टूटे थे। इससे साफ है कि उसकी हत्या की गई थी। बाद में शव को पंखे से लटकाया गया। पोस्टमार्टम करने वाले संबंधित डॉक्टर की भी जांच होनी चाहिए। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने क्राइम ब्रांच से निष्पक्ष जांच कराकर मुकदमा दर्ज कराने का आश्वासन दिया। उसके बाद पीड़ित परिवार और ग्रामीण लौटे।
यह था मामला
दीपक राघव (35) मूलरूप से बुलंदशहर के जहांगीरपुर थानाक्षेत्र के गांव टिटौना निवासी था। वह यूपी पुलिस में बतौर सिपाही लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात था। पत्नी प्रियंका के साथ कंकरखेड़ा, श्रद्धापुरी फेस-2 संत विहार में मनोज कुमार के मकान में किराए पर रहता था। दो अक्टूबर को संदिग्ध हालात में उसकी मौत हुई थी। गृहकलह के चलते आत्महत्या बताकर पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया था।