भाकियू अराजनीतिक के कार्यकर्ता ईओ के खिलाफ धरना देकर बैठे, कर्मचारी और संगठन ईओ के पक्ष में आए
-भाकियू पदाधिकारी और ईओ के बीच नोकझोक
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका की ईओ दीपिका शुक्ला की कार्यप्रणाली को लेकर शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में माहौल गरमा गया। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के पदाधिकारी ने ईओ पर भ्रष्टाचार, मनमानी और जनता की समस्याओं की अनदेखी के आरोप लगाते हुए तहसील सभागार में धरने पर बैठ गए। दूसरी ओर कई संगठन ईओ के समर्थन में मैदान में उतर आए। इस दौरान ईओ और भाकियू पदाधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में तहसीलदार ज्योति सिंह ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
तहसील परिसर में धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के जिलाध्यक्ष कालू प्रधान व संगठन मंत्री अमित चौधरी द्वारा दिए गए ज्ञापन में ईओ दीपिका शुक्ला पर नगर पालिका में बिल पास करने में अनियमितता, कमीशनखोरी और जनता के कार्यों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। ज्ञापन में कई विकास कार्यों और टेंडरों में अनियमितता की जांच की मांग की गई। दूसरी ओर ईओ के समर्थन में स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन ने ज्ञापन देकर भाकियू नेताओं के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कुछ लोग नगर पालिका के कर्मचारियों पर दबाव बनाकर कार्य प्रभावित करने का भी आरोप लगाया।
राजपूत उत्थान सभा ने ईओ के समर्थन में पत्र देकर कहा कि उनके कार्यकाल में नगर पालिका की कार्यशैली में सुधार हुआ है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। सभासद आशीष त्यागी की ओर से दिए गए पत्र में भी ईओ को ईमानदार और कार्यकुशल बताते हुए कुछ लोगों पर राजनीतिक और व्यक्तिगत हितों के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया गया। सभासद आशीष त्यागी, शानू जैन, राहुल पाल द्वारा अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला के समर्थन के ज्ञापन में दिया। ज्ञापन में कहा कि ईओ व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास किया गया है। कुछ लोगों द्वारा फर्जी शिकायतों के माध्यम से दबाव बनाकर व्यक्तिगत हित साधने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने झूठी एवं मनगढ़ंत शिकायत करने वाले तत्वों के विरुद्ध जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही यदि शिकायतें असत्य पाई जाती हैं तो संबंधित शिकायतकर्ताओं पर कानूनी कार्रवाई की जाए। एडीएम एलए अर्पित गुप्ता व तहसीलदार ज्योति सिंह ने पूरे मामले को गंभीरता से लेकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की बात कही है।
किसी के दबाव में काम नहीं करूंगी
अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला का कहना है कि कुछ लोगों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से झूठी शिकायतों के आधार पर उनके विरुद्ध अनर्गल आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि शिकायत में जिस कर्मचारी के बकाया भुगतान का उल्लेख किया गया था, वह उनके कार्यकाल से पूर्व का है तथा वह भुगतान अप्रमाणित होने के कारण नियमानुसार लंबित है। इसके बावजूद एक समूह द्वारा दबाव बनाते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और हंगामा किया गया। वे किसी भी दबाव में आकर अपने दायित्वों से समझौता नहीं करेंगी।
सभी पक्षों से वार्ता करेंगी : चेयरमैन
इस संबंध चेयरपर्सन सबीला बेगम का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। सभी पक्षों से जानकारी कर प्रकरण स्पष्ट होने पर समाधान कराया जाएगा।
सरधना। नगर पालिका ईओ के पक्ष प्रदर्शन कर तहसील में ज्ञापन देते कर्मचारीगण। संवाद