मेरठ। परतापुर स्थित मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे के काशी टोल प्लाजा पर गुरुवार सुबह भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। आरोप था कि एक टोल कर्मी ने भाकियू के जिला उपाध्यक्ष सनी सिसोला और उनके परिवार की महिलाओं से अभद्रता की। इसके साथ ही टोल प्लाजा के शौचालयों से निकलने वाला मलमूत्र खेतों के रास्तों में बहने की समस्या को लेकर भी किसानों ने नाराजगी जताई। टोल कर्मियों द्वारा लिखित माफी और समस्याओं को जल्द निस्तारित करने के आश्वासन के बाद तीन घंटे चला धरना समाप्त हुआ।
बताया गया कि गुरुवार तड़के करीब चार बजे सनी सिसोला अपने परिवार के साथ दिल्ली से मेरठ लौट रहे थे। उनकी गाड़ी जैसे ही टोल बूथ संख्या आठ पर पहुंची, तो मोदीनगर निवासी एक टोल कर्मचारी ने वाहन रोककर शुल्क मांगा। सनी ने खुद को टोल फ्री श्रेणी में होने की जानकारी दी, जिस पर दोनों के बीच बहस हो गई। आरोप है कि इसी दौरान टोल कर्मचारी ने परिवार की महिलाओं से अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसकी सूचना मिलते ही सुबह बड़ी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता काशी टोल प्लाजा पहुंच गए और टोल संख्या 8, 9 और 10 पर धरने पर बैठकर आरोपी कर्मचारी को मौके पर बुलाने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि टोल प्लाजा के शौचालयों से निकलने वाला वेस्टेज किसानों के खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे खेतों के रास्तों पर आवागमन मुश्किल हो रहा है। विवाद बढ़ने पर टोल प्रशासन ने संबंधित कर्मचारी शमशून खान को मौके पर बुलाया और लिखित में माफी दी। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त किया। भाकियू नेताओं ने आरोप लगाया कि संबंधित टोल कर्मचारी विशेष समुदाय से होने के बावजूद फर्जी तरीके से हिंदू नाम सुमित राणा से काम कर रहा था। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने मामले में टोल प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
इनका कहना है....
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। टोल कर्मी द्वारा अभद्रता के आरोप पर लिखित माफीनामा लेने और अन्य समस्याओं के समाधान पर सहमति बनी।
- सौम्या अस्थाना, सीओ ब्रह्मपुरी