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Meerut News: रूबी का रिश्ता टूटा, प्रशासन की बेरुखी से नाराज परिवार ने दी गांव छोड़ने की चेतावनी

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सरधना (मेरठ)। कपसाड़ प्रकरण की गूंज एक बार फिर शासन-प्रशासन के गलियारों में सुनाई दे रही है। अपहरण और मां की हत्या जैसी जघन्य वारदात झेल चुकी पीड़िता रूबी का रिश्ता भी टूट गया। वहीं अब परिवार के सामने सामाजिक और आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर बेरुखी और वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। शनिवार को न्याय की आस में पीड़ित परिवार ने एसडीएम से मुलाकात की और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर वादे पूरे नहीं हुए तो वे गांव छोड़ने को मजबूर होंगे।
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बीते 8 जनवरी को कपसाड़ गांव निवासी रूबी का अपहरण हो गया था। वहीं विरोध करने पर उसकी मां सुनीता की हत्या कर दी गई थी। मामले का मुख्य आरोपी पारस सोम है। इस मामले का असर अब रूबी के भविष्य पर पड़ने लगा है। रुबी की अप्रैल में शादी होना तय थी, लेकिन इस घटना के बाद शादी टूट चुकी है। रूबी के भाई नरसी ने बताया कि इस घटना के बाद परिवार गहरे मानसिक और सामाजिक दबाव में है।



अधूरे वादे और प्रशासन की कार्यप्रणाली

नरसी के अनुसार घटना के समय प्रशासन ने सांत्वना देते हुए कई बड़े वादे किए थे। प्रशासन ने परिवार के एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी, सुरक्षा के लिए पिस्टल का लाइसेंस, खेती के लिए जमीन का पट्टा देने व परिवार को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास का आश्वासन दिया था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें केवल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है जबकि बाकी वादे फाइलों में दबे हुए हैं। नरसी ने कहा, हम मजदूरी पर निर्भर है लेकिन गांव में अब हमें काम नहीं मिल रहा। प्रशासन ने हमें कहीं और बसाने की बात कही थी लेकिन अब अधिकारी अपनी बात से मुकर रहे हैं। अब परिजनों ने दो टूक कहा है कि यदि 10 दिन के भीतर सुरक्षा और रोजगार की मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अपनी सुरक्षा की खातिर गांव से पलायन कर जाएंगे।
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एसडीएम बोले- कार्रवाई जारी है

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि परिवार की मांगों पर कागजी कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। उन्होंने स्पष्ट किया जमीन के पट्टे, शस्त्र लाइसेंस और योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि गांव से बाहर बसाने जैसा कोई लिखित आश्वासन रिकॉर्ड में नहीं है। शनिवार को तहसील पहुंचे परिजनों ने प्रशासन के प्रति अपना अविश्वास जताया। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को दिनभर इंतजार के बाद भी मुलाकात नहीं हो सकी थी।
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