आरएसएस के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले इशारों में बहुत कुछ कह गए। करीब 58 मिनट के संबोधन में होसबोले मोदी पर नरम नजर आए तो कांग्रेस पर पूरी तरह बरसे। कांग्रेस को उन्होंने नैतिकता का पाठ तक पढ़ने की बात कह डाली और देशद्रोहियों के समर्थन में खड़ा होने वाला कहा। वहीं, सुधार प्रदर्शित होने की बात कहकर मोदी सरकार की पीठ भी थपथपाई।
संघ के स्वयंसेवक संगम कार्यक्रम में दत्तात्रेय होसबोले ने राष्ट्रीयता और हिंदुत्व की बात की। पूरे संबोधन में कई बार उन्होंने केंद्र में मोदी सरकार का नाम लिए बगैर उसकी सराहना की। होसबोले ने कहा कि पिछले दिनों वाराणसी में गंगा आरती के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद रहे और अपने साथ जापान के प्रधानमंत्री को भी ले गए। यह देश में पहला अवसर था, जब देश की संस्कृति से किसी दूसरे राष्ट्र के नेता को अवगत कराया गया हो।
कुछ लोगों को इसमें भी असहिष्णुता नजर आती हो, लेकिन यह हिंदुत्व की तरफ बढ़ते कदमों की पहल है। दत्तात्रेय ने साफ कहा कि इस समय सुधार साफ नजर आ रहा है। व्यक्ति निर्माण और संस्कार का काम हो रहा है। यही नहीं उन्होंने विश्व में हिंदुत्व की स्वीकार्यता की बात कहते हुए भी अप्रत्यक्ष रुप से केंद्र सरकार की सराहना की।
वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस पर कड़ा कटाक्ष करते हुए होसबोले ने कहा कि सियाचिन में 10 सैनिक शहीद होेते हैं। ऐसे मौके पर जेएनयू में कुछ लोग आतंकी अफजल का महिमा मंडित करते हैं। जब उन पर कार्यवाही होती है तो उनके समर्थन में कुछ लोग बोलते हैं कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार है।
लेकिन ये लोग तब कहां थे, जब 1975 में पूरे देश को जेल बना दिया गया था। संविधान के मौलिक अधिकार का हनन किया। उस दल के लोग यह बात कर रहे हैं। संघ नेता ने बगैर नाम लिए कहा कि हमें भीतर ऐसे लोगों से भी चुनौती है और उनका सच अब सामने लाना होगा। क्योंकि राजनैतिक रोटियां सेंकने वालों के लिए देश भक्ति कुछ नहीं है।