बीडीसी की पर्ची काटने को लेकर सिवाया टोल प्लाजा पर रविवार दोपहर बखेड़ा हो दिया। भारतीय मजदूर किसान मोर्चा कार्यकर्ताओं और बीडीसी सदस्यों ने प्लाजा के बूम तोड़कर सभी लेन करीब 21 मिनट तक फ्री करा दीं। इस दौरान टोल कर्मियों और पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। वार्ता के बाद किसी तरह मामला निपटा।
भारतीय मजदूर किसान मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय भराला के आवास पर रविवार दोपहर क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बैठक थी। जिसमें भाग लेने के लिए गांव इकलौता निवासी बीडीसी सदस्य प्रदीप और बड़कली निवासी धर्मेंद्र एक ही कार से मोदीपुरम जा रहेे थे। आरोप है कि स्थानीय निवासी होने के बावजूद अभद्रता करते हुए टोल प्लाजा पर उनकी 75 रुपये की पर्ची काट दी गई। दोनों सदस्यों ने जब इसकी जानकारी बैठक में पहुंचकर दी तो अजय भराला के नेतृत्व में दर्जनों बीडीसी सदस्य और मोर्चा के कार्यकर्ता टोल पर पहुंच गए।
उस समय प्लाजा पर वाहनों की सभी लेन फुल थीं। आरोप है कि गुस्साए लोगों ने प्लाजा के बूम तोड़ते हुए सभी लेन फ्री करा दीं। जिससे वहां अफरातफरी मच गई। टोल कर्मियों ने इसका विरोध किया तो कार्यकर्ताओं से उनकी झड़प हो गई। सूचना पर पहुंची दौराला पुलिस से भी अजय भराला और बीडीसी सदस्यों की नोकझोंक हो गई। हंगामे के दौरान करीब 21 मिनट तक टोल फ्री रहा। बाद में टोल के सुरक्षा अधिकारी मनिंदर विहान से वार्ता के बाद मामला सुलझा। इस दौरान अंकुर मुखिया, आशीष गुर्जर, भूरा भराला, सौरभ भराला, प्रदीप ढढरा, खिलाड़ी गुर्जर, शिवकुमार शर्मा, नीरज सरसवा आदि मौजूद रहे।
आमने-सामने
अजय भराला का आरोप है कि बीडीसी सदस्यों के लोकल होने के बावजूद उनकी 75 रुपये की पर्ची काटी गई, अभद्रता अलग से की गई। टोल प्लाजा पर यह रोजाना का काम हो गया है। लोकल से पैसे लिए तो फिर आंदोलन होगा। वहीं, टोल के सुरक्षा अधिकारी मनिंदर विहान का आरोप है कि लोकल बताने पर 15 रुपये ही लिए जाते है। किसी टोल कर्मी ने कोई अभद्रता नहीं की है, और न ही पैसे लिए। जिस तरह से अजय भराला ने टोल को फ्री कराया, वह गलत है। टोल को इससे 1.80 लाख का नुकसान हुआ। कोई शिकायत थी तो अफसरों से कहते।