मेरठ। लुधियाना में आरएसएस नेता रविंदर गोसाईं की हत्या के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाएड(एटीएस) ने मेरठ में डेरा डाला हुआ है। हत्यारों को पिस्टल देने वालों की एनआईए टीम को तलाश है। एनआईए ने पहले हथियार सप्लायर परवेज उर्फ फरू की तलाश में कोतवाली क्षेत्र में ताबड़तोड़ दबिश दी और फिर घंटाघर स्थित एक होटल का रिकॉर्ड खंगाला। इस होटल में हत्यारे एक रात रुके थे, जिनकी एंट्री रजिस्टर में मिली है। 17 अक्तूबर 2017 को लुधियाना में आरएसएस नेता की हत्या हुई थी। इस मामले में एनआईए और एटीएस की टीमें जांच करने में जुटी है। आरएसएस नेता के हत्यारों ने मेरठ से पिस्टल खरीदी।
छत से कूदकर भागा फरू
रविवार देर रात कोतवाली क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने हथियार सप्लायर परवेज उर्फ फरू के घर पर दबिश दी थी। पुलिस फोर्स को देखकर आरोपी फरू छत से कूदकर फरार हो गया। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ल का कहना है कि आरोपी फरू पहले भी अवैध हथियारों की सप्लाई के मामले में जेल जा चुका है। छह महीने पहले फरू जेल से छूटकर आया है। सोमवार को एनआईए की टीम ने एक आरोपी की निशानदेही पर घंटाघर स्थित प्रधान ताज होटल में छापा मारा। जहां से दो रजिस्टर अपने कब्जे में लिए। पुलिस का दावा है कि आरएसएस नेता की हत्या से तीन महीने पहले सात जुलाई को हत्यारे इसी होटल में रुके थे। जिनकी एंट्री होटल के रजिस्टर में मिली है।
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