डिवाइडर रोड स्थित एक संस्थान में रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की परीक्षा के दौरान आठ मुन्नाभाई पकड़े गए। इनके पास से माइक्रोफोन, ईयरफोन, ब्लूटूथ और अन्य सामान मिला है। छात्रों ने बताया कि एक युवक ने उनसे पैसे लेकर पेपर हल करवाने का ठेका लिया था। आरआरबी अधिकारियों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शाम को सभी छात्र जमानत पर छोड़ दिए गए।
गंगानगर के आईआईएमटी कॉलेज में रविवार को (आरआरबी) की ऑनलाइन परीक्षा थी। पहली शिफ्ट में 16 कमरों में 620 छात्र परीक्षा दे रहे थे। परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही शिक्षकों ने कुछ छात्रों को आपस में इशारे करते देखा। शक होने पर छात्रों की तलाशी ली गई। सीनियर सेक्सन इंजीनियर जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह पूरा आठ छात्रों का ग्रुप था, जिनके पास से गैजेट बरामद किए गए हैं। सूचना पर गंगानगर थाना एसआई भानुप्रताप, इंस्पेक्टर एपी सिंह भी मौके पर पहुंच गए।
आरआरबी के अधिकारी तहरीर देने से इनकार करते रहे। करीब दो घंटे तक कोई फैसला नहीं लिया जा सका। बाद में टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के विशाल मित्तल की ओर से छात्रों तहरीर दी गई। पुलिस छात्रों को थाने ले आई और धारा 3/9 में मुकदमा दर्ज कर लिया।
कॉलेज के अंदर छात्र ब्लूटूथ, ईयरफोन आदि सामान के साथ पकड़े गए। आरआरबी अधिकारियों के ओर से आठ छात्रों के खिलाफ नकल करने की तहरीर दी गई है। छात्रों को जमानत पर छोड़ दिया गया है।
एपी सिंह, इंस्पेक्टर, गंगानगर
ये छात्र पकड़े गए
रोहित कुमार पुत्र सोहनवीर निवासी मऊ, पिंटू कुमार पुत्र आसाराम निवासी बागपत, प्रदीप कुमार पुत्र राजवीर सिंह छपरौली बागपत, मोनपाल पुत्र सत्यपाल निवासी कंकरखेड़ा मेरठ, विनय कुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह हसनुपर, सरूरपुर, अमित कुमार पुत्र तुलसी शर्मा निवासी मोदीपुरम, राहुल शर्मा पुत्र मंगेराम र्श्मा निवासी हापुड़, पकंज तोमर पुत्र सहदेव निवासी मलकपुर बागपत।
नहीं की पूछताछ, बच गया मास्टर माइंड
रेलवे और पुलिस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे थे। दो घंटे से ज्यादा ड्रामा तहरीर को लेकर हुआ। बाद में छात्रों को थाने लाया गया। वहां बिना पूछताछ के ही उन्हें छोड़ दिया गया। इससे नकल करना वाला आरोपी बच गया। पुलिस ने उसके बारे में पूछने तक की जहमत नहीं उठाई।