दशहरा पर्व पर मंगलवार को ट्रैफिक पुलिस के दावे हवाई साबित हुए। दोपहर को शहर में रूट डायवर्जन करते ही शहर जाम से जूझना शुरू हो गया। मुख्य चौराहों से लेकर हाईवे तक ऐसा कोई चौराहा या बाजार नहीं बचा, जहां लोग रात तक जाम में न फंसे रहे हों। मुख्य बाजारों में हालत ज्यादा खराब रही। लोगों को खरीददारी के लिए अपने वाहन आधा किलोमीटर दूर खड़े करने पड़े।
मंगलवार को भारी वाहन शहर में पूरी तरह से प्रतिबंधित थे। जबकि दोपहर 12 बजे डायवर्जन कर दिया गया था। जिसके बाद कमिश्नरी आवास चौराहा, लालकुर्ती पैंठ बाजार, जीरोमाइल, बेगमपुल, दिल्ली रोड, जलीकोठी, बागपत अड्डा पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घंटाघर और रेलवे रोड चौराहे का तो यह हाल था कि लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल रहा। इसके अलावा गांधी बच्चा पार्क चौराहा, ईव्ज चौराहा, खैरनगर, सराफा बाजार, कबाड़ी बाजार, बुढ़ाना गेट, हापुड़ अड्डा, गांधी आश्रम और तेजगढ़ी के अलावा हापुड़ रोड पर भी जाम लगा रहा।
दिल्ली रोड पर रामलीला मैदान में दशहरा मेला देखते हुए रोडवेज बसें दिल्ली रोड पर प्रतिबंधित थीं। इन्हें कंकरखेड़ा बाईपास से निकाला गया। जिसके चलते कंकरखेड़ा फ्लाईओवर पर भी लोग जाम में फंसे रहे। ट्रैफिक पुलिस एक स्थान पर जाम खुलवाती तो दूसरे स्थान पर जाम लग जाता। रात को जहां-जहां रावण के पुतले का दहन हुआ, वहां सड़कों पर इतनी भीड़ रही कि लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। दिल्ली रोड पर मंडी गेट से लेकर बागपत तिराहा और जली कोठी से बेगमपुल तक भीड़ ही भीड़ थी। यही हाल मवाना रोड पर भगत लाइन के पास का था। कमिश्नरी आवास चौराहे से तेजगढ़ी तक भी पुलिस ने सभी प्रकार के वाहन शाम से ही बंद कर दिए थे।