कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर रूट डायवर्जन का असर नहीं दिख रहा है। मेरठ और जीटी रोड पर बड़े वाहन बेरोकटोक फर्राटा भर रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस इन्हें रोकना तो दूर अब तक शहर के अंदरूनी मार्गों पर रूट डायवर्जन की कोई योजना नहीं बना पाई है। कांवड़ियों की सुरक्षा का दम भरने वाली पुलिस का यह हाल तब है, जब पांच अगस्त से गंगाजल लेकर लौटने वाले कांवड़ियों की भीड़ उमड़ने लगेगी। अब भी कई स्थानों पर ऐसे अवैध कट हैं जो कांवड़ियों की लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
भले ही ट्रैफिक पुलिस ने एक अगस्त से जिले भर में रूट डायवर्जन की घोषणा की हो, लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा। पुलिस ने मेरठ रोड और जीटी रोड पर एक अगस्त से भारी वाहनों की नो एंट्री की थी, लेकिन अब भी वाहन तेजी से दौड़ रहे हैं। मेरठ तिराहे और राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग का सामान रखा है, लेकिन पुलिस अभी रोड पर नहीं लगा रही। इस वजह से भारी वाहन आ जा रहे हैं।
खतरनाक हैं ये कट
मेरठ तिराहा
राजनगर एक्सटेंशन
मुरादनगर
मोदीनगर पेट्रोल पंप
मोहन नगर
राजेंद्र नगर
वसुंधरा रेड लाइट
बोले अधिकारी
सभी स्थानों पर बैरिकेडिंग का इंतजाम कर लिया गया है। पुलिस भारी वाहनों को कांवड़ मार्ग पर नहीं आने दे रही। अगर फिर भी कोई वाहन आ रहा है तो उसका चालान काटकर कार्रवाई की जा रही है।
- रमेश तिवारी, ट्रैफिक इंस्पेक्टर