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कर्मचारियों की हड़ताल से रोडवेज बसों का संचालन ठप

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मेरठ। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के अनिश्चितकालीन धरने का असर बसों के संचालन पर पड़ने लगा है। शुक्रवार को करीब 40 बसों का संचालन प्रभावित हुआ। हालांकि प्रबंधन ने दूसरे डिपो की बसों के जरिये इस प्रभाव को कम करने का प्रयास किया। कर्मचारियों ने एलान किया कि जब तक मांगें नहीं मानी जाएगी, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा।
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रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की मेरठ शाखा ने 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एआरएम मेरठ डिपो को सौंपा था। इस संबंध में बृहस्पतिवार को संगठन नेताओं की एआरएम से वार्ता हुई थी, लेकिन बात नहीं बन सकी थी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार पूर्वाह्न 11 बजे संगठन ने एआरएम मेरठ आफिस पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। पहले दिन धरने की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष आदेश कुमार ने की और संचालन शाखा मंत्री सतेंद्र कुमार ने किया। संगठन सदस्य चालकों और परिचालकों के धरने में पहुंचने के चलते बसों का संचालन प्रभावित हो गया। सतेंद्र कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को जहां डिपो की करीब 125 बसें रूट पर निकली थीं, शुक्रवार को केवल 85 बसें ही रूट पर जा सकीं। इसमें दिल्ली, बिजनौर, कोटद्वार, हरिद्वार, शामली आदि रूट की बसें ज्यादा प्रभावित रहीं। बसों की कमी के चलते यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। धरना शनिवार को भी जारी रहेगा। धरने को क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रमोद शर्मा, क्षेत्रीय मंत्री लाखन सिंह, राजेंद्र सिंह, विजय सिंह राणा, हरेंद्र गुप्ता, ब्रह्मपाल, सुनील कुमार, धूम सिंह, अनिल कुमार, राकेश गुप्ता, सहंसर पाल, धर्मपाल, विनोद कुमार मौजूद रहे।
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ये है कर्मचारियों की मांगे
- संगठन के पदाधिकारियों का उत्पीड़न बंद किया जाए
- डिपो के वीएआई को हटाया जाए
- डीजल औसत कम लोड फैक्टर में कटौती बंद की जाए
- महिला परिचालकों के प्रति सहानुभूति पूर्वक व्यवहार किया जाए
- प्रभारी का कार्य वरिष्ठता क्रम के आधार पर हो
- वाहन ड्यूटी एलाटमेंट सूची पहले दिन चस्पा की जाए
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