गाडी में पकड़े गए मीट को देखते पशु चिकित्सक।
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खरखौदा। पुलिस ने कंट्रोल रूम से सूचना पाकर शुक्रवार को मीट से लदी एक कार पकड़ी। उससे कई कुंतल मीट बरामद किया। वहीं, 12 घंटे बाद भी इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं करके पुलिस और पशुपालन विभाग गेंद एक दूसरे के पाले में डालकर जिम्मेदारी से बच रहे हैं। हालांकि पशु चिकित्सक द्वारा मीट का नमूना लेने के बाद पुलिस ने मीट को दबवा दिया है।
पुलिस को कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि मेरठ की ओर से गोमांस से लदी एक कार हापुड़ की तरफ जा रही है। जिस पर खरखौदा पुलिस ने धीरखेड़ा पुलिस चौकी के समीप कार को रोकने का प्रयास किया। नाकाम रहने पर पीछा करके कुछ दूर जाकर पकड़ा। इसमें मौजूद दो लोगों को हिरासत में लेकर कार की तलाशी ली। उसकी डिग्गी एवं पीछे की सीट पर कई कुंतल मांस मिला। पुलिस से जानकारी पाकर पशु चिकित्सक डॉ. प्रवीण भारती वहां पहुंचे। उन्होंने कार में मिले मीट के नमूने लिये। इसके बाद पुलिस ने मीट को गड्ढे में दबवा दिया। हालांकि 12 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। पुलिस का कहना है कि पहलेे पशुपालन विभाग इस पर अपनी रिपोर्ट बनाकर पुलिस को देगा। उसी आधार पर थाने में एफआईआर दर्ज की जाएगी। वहीं, पशुपालन विभाग का कहना है कि उसने तो मीट को प्रथमदृष्टा गाय का बता दिया। अब पुलिस पहले अपनी ओर से एफआईआर दर्ज करे। इसके बाद पशुपालन विभाग अपनी रिपोर्ट तैयार कर मीट के नमूनों को मथुरा लैब में भेजेगा। इस प्रकार दोनों विभाग गेंद एक-दूसरे के पाले में डाल रहे हैं।
यदि मीट प्रथमदृष्टा गाय का लग रहा है तो पहले पशुपालन विभाग को रिपोर्ट पुलिस को सौंपनी होगी। पुलिस इस मामले में चिकित्सक की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज करेगी। इसके बाद इसी आधार पर ही पशुपालन विभाग नमूनों को जांच के लिए भेजेगा।-मनीष बिष्ट, प्रभारी निरीक्षक थाना खरखौदा
पुलिस ने जिस आधार पर मीट को पकड़ा है उसी के मुताबिक एफआईआर दर्ज करे। पशुपालन विभाग पहले अपनी ओर से कोई रिपोर्ट बनाकर नहीं देगा। पशुपालन विभाग एफआईआर के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर मीट के नमूनों को जांच के लिए भेजेगा।-वीपी सिंह, डिप्टी सीवीओ मेरठ