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भाई-बहनों की भीड़ के आगे बौनी साबित हुई रोडवेज व्यवस्था

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सिटी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने को लगी भीड़ - फोटो : aaa
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मेरठ। भैयादूज पर उमड़ी भाई-बहनों की भारी भीड़ के सामने रोडवेज और रेलवे की व्यवस्था बौनी साबित हुई। अधिकारियों के दिवाली अभियान में लगाई गई 454 बसों के दावे धड़ाम हो गए। यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। भैसाली बस अड्डे पर जो भी बस पहुंचती उसमें बैठने के लिए लोग दौड़ पड़ते। कोई खिड़की से चढ़ता तो कोई शीशों के बीच से ही घुस जाता। इस दौरान महिला यात्रियों को बस में चढ़ने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं घोषणा के बाद भी रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनें नहीं चलाईं। जिस कारण यात्रियों को खिड़की पर खड़े होकर सफर करने को मजबूर होना पड़ा।
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रोडवेज ने 25 अक्तूबर से 3 नवंबर तक दिवाली अभियान के लिए मेरठ रीजन की 454 बसों को सड़क पर उतारने का दावा किया था। इसमें भैयादूज के लिए विशेष तैयारी की बात कही गई थी। लेकिन मंगलवार सुबह बस अड्डों पर उमड़ी भीड़ ने पूरी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। सुबह से दोपहर तक तो किसी तरह बसों ने यात्रियों के लोड को सहन कर लिया, लेकिन शाम को पूरी व्यवस्था धड़ाम हो गई। घर वापसी के लिए निकले भाई-बहनों की भीड़ के आगे बसों की संख्या कम पड़ गई। मेरठ से दिल्ली, बिजनौर, बागपत, बड़ौत, शामली, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, हापुड़ और गढ़ आदि की तरफ जाने वाली बसों में बैठने के लिए मारामारी रही।
जेबकतरों ने साफ की जेब
त्योहार पर उमड़ी भीड़ के बीच जेबकतरों ने भी अपने हाथ साफ किए। भैसाली बस अड्डे पर कई यात्रियों की जेब साफ कर दी गई। मेरठ से दिल्ली जा रहे एक यात्री ने जेबकतरे को पकड़ लिया। लेकिन वह हाथ छुड़ाकर फरार हो गया। इसके बाद लोगों ने जब अपनी जेब चेक की तो कई की जेब साफ मिली। हंगामा होने पर पुलिस पहुंची, लेकिन जेबकतरे हाथ नहीं लगे।
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जाम में फंसी बसें नहीं पहुंची अड्डों तक
रोडवेज की व्यवस्था फेल होने का कारण अधिकारियों ने रूटों पर लगे जाम को बताया। मेरठ डिपो के स्टेशन प्रभारी देवेंद्र भारद्वाज और भैसाली डिपो के एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि बसों की कमी किसी भी रूट पर नहीं थी। यात्रियों के लोड फैक्टर को देखते हुए पर्याप्त बसें लगाई गई थीं। लेकिन रूटों पर लगे जाम के चलते बसों को अड्डे तक पहुंचने में देरी हो रही थी।
बस अड्डे पर गौवंश का डेरा
भैसाली बस अड्डे पर गौवंश ने अस्थायी डेरा जमाया है। संचालन व्यवस्था में जुटे रोडवेज कर्मियों ने गायों को हटाने की जहमत नहीं उठाई। गायों की वजह से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्रियों को तो गायों ने दौड़ा भी लिया था। इसके बावजूद इन्हें यहां से नहीं हटाया गया।
पैसेंजर और सुपर एक्सप्रेस के गेट पर लटककर किया सफर
दिल्ली और मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाली पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ खचाखच रही। जिससे आरक्षण वाले यात्रियों को भी चढ़ने में मशक्कत करनी पड़ी। जालंधर से वाया मेरठ, दिल्ली को जाने वाली सुपर एक्सप्रेस के सिटी स्टेशन पहुंचते ही यात्रियों की भीड़ दौड़ पड़ी। दिल्ली-अंबाला पैसेंजर, दिल्ली-हरिद्वार पैसेंजर का हाल भी बुरा रहा। जिससे बहनों को ट्रेनों में चढ़ने में भी परेशानी हुई। आरपीएफ और जीआरपी ने भी यात्रियों को खिड़की पर लटकने से नहीं रोका।
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