उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) यात्रियों को बड़ी राहत देने जा रहा है। लगभग 34 साल बाद यूपी रोडवेज दिल्ली और चंडीगढ़ के अतिरिक्त सात राज्यों के साथ ‘इंटर स्टेट बस संचालन नीति’ का एग्रीमेंट करने जा रहा है। इसमें उत्तराखंड, राजस्थान, चंडीगढ़ और हरियाणा से पहले चरण की वार्ता हो चुकी है। रूट और बसों की संख्या के अलावा ट्रिप भी तय हो चुकी है। एग्रीमेंट पर मुहर लगने के बाद बसों का संचालन होने से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेंगी।
अन्य राज्यों में रोडवेज बसों का संचालन करने के लिए दोनों राज्यों के परिवहन निगम को एक दूसरे के साथ इंटर स्टेट रूट एग्रीमेंट करना होता है। इस एग्रीमेंट में रूट, बसों की संख्या और ट्रिप की संख्या निर्धारित होती है। इसके बाद ही बसों को इंटर स्टेट परमिट दिया जाता है। परमिट मिलने के बाद ही बस एक-दूसरे राज्य में आवागमन कर सकती हैं।
34 साल से नहीं हुआ नए रूट का एग्रीमेंट
यूपी रोडवेज ने पड़ोसी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के साथ लगभग 34 साल से नए रूट पर कोई एग्रीमेंट नहीं किया है। दो केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली और चंडीगढ़ भी इसी श्रेणी में शामिल हैं। अभी तक 1983 में हुए एग्रीमेंट के आधार पर ही बसे चुनिंदा रूटों पर दौड़ रही हैं। अक्सर बसों की संख्या और ट्रिप को लेकर राज्यों के बीच अक्सर तनाव रहता है। यूपी और उत्तराखंड के बीच इस मामले को लेकर अधिक विवाद है। इंटर स्टेट रूट एग्रीमेंट होने के बाद इस विवाद पर भी रोक लग जाएगी।
उत्तराखंड और राजस्थान से एग्रीमेंट फाइनल
यूपी रोडवेज का उत्तराखंड और राजस्थान परिवहन निगम के साथ एग्रीमेंट लगभग फाइनल हो चुका है। इसके अलावा चंडीगढ़ और हरियाणा के साथ भी वार्ता में रूट और बसों की संख्या पर सहमति बन चुकी है। यहां एग्रीमेंट पर मुहर लगनी बाकी है। चुनाव के बाद हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, जम्मू एंड कश्मीर, बिहार के साथ भी बात होनी है।
मेरठ क्षेत्र से 20 रूट होंगे कनेक्ट
इंटर स्टेट एग्रीमेंट के तहत मेरठ से करीब 20 रूट कनेक्ट होंगे। इसमें करनाल, अंबाला, चंडीगढ़, पानीपत, सोनीपत, गुड़गांव, फरीदाबाद, जालंधर, कटरा, धर्मशाला, पटियाला, बालाजी, अजमेर, अमृतसर, ऊना, शिमला, कुरुक्षेत्र, अलवर, कोटा, जयपुर और वनस्थली शामिल है।
इन राज्यों के साथ ये बनी सहमति
राज्य रूट बस
उत्तराखंड 216 1490
चंडीगढ़ 35 135
हरियाणा 157 753