मेरठ। उप्र रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर शुक्रवार को भैंसाली बस अड्डा और सोहराबगेट बस अड्डे पर कर्मचारियों ने धरना- प्रदर्शन किया। राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों के अवैध संचालन और निगम की संपत्तियों के निजीकरण का विरोध किया। उन्होंने अपनी विभिन्न सामूहिक मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठाई।
सोहराबगेट बस अड्डे पर शाखा अध्यक्ष नीरज शर्मा ने कहा कि मेरठ के सभी मार्गों पर निजी डग्गामार बसों का संचालन हो रहा है। निगम की संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। यह बंद होना चाहिए। लंबे समय से कार्यरत संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित किया जाए। चालकों से अनुचित चालान वसूली बंद की जाए।
उधर, भैंसाली बस अड्डे पर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने प्रदर्शन किया। परिषद के प्रांतीय संरक्षक विजय सिंह राणा और संरक्षक विजय सिंह राणा का कहना था कि 50 फीसदी यात्री भार अनुपात से कम आने पर प्रोत्साहन राशि में कटौती की जा रही है उसे बंद किया जाए। संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी की भांति उपदान दिया जाए। मृतक संविदा चालकों और परिचालकों के आश्रितों को नौकरी देने की मांग भी प्रमुख की। संविदा तथा बाहरी स्रोत से नियुक्त कर्मचारियों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन और अवकाश सुविधा मिले। नियमित कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ता और सातवें वेतनमान के बकाया भुगतान की अपील की गई। भैंसाली में शाखा अध्यक्ष विनय कुमार और सुनील शर्मा सहित लगभग 200 सदस्य उपस्थित रहे।
इस प्रदर्शन में मेरठ डिपो की संचालन और तकनीकी शाखा के कर्मचारियों ने भी भाग लिया। सोहराबगेट बस अड्डे पर जिलाध्यक्ष विपिन त्यागी और अपर महामंत्री संजय कुमार राणा के अलावा क्षेत्रीय संगठन मंत्री सुशील वर्मा और क्षेत्रीय संयोजक प्रवीण सिद्ध भी मौजूद थे। भैंसाली में शाखा अध्यक्ष विनय कुमार और सुनील शर्मा ने आवाज बुलंद की।