मेरठ। प्रशासन द्वारा महानगर के विकास के तमाम बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। हालांकि एमडीए अपनी ही योजनाओं की सड़कें बनाने में नाकाम है। छह महीने से भी ज्यादा समय बीत गया परंतु अभी तक टेंडर निकालने की दिशा में कार्य नहीं किया गया है। लोहियानगर में इन खस्ताहाल सड़कों पर जलभराव होने से उनसे गुजरना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में एमडीए की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एमडीए की आवासीय योजना लोहियानगर में सड़कों का बुरा हाल है। यहां स्थानीय निवासी कई बार एमडीए में शिकायत पत्र दे चुके हैं। हालात ये हैं कि एमडीए की तरफ से टेंडर की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। ऐसा ही हाल एमडीए की अन्य योजनाओं का है। कई बार शिकायतें की जा रही हैं परंतु निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा रहा है।
मंडी से कॉलोनी में जाने वाला मार्ग बेहाल
लोहियानगर में सब्जी मंडी के आगे जाने वाली सड़क बेहाल है। ये हाल तब है जब कई प्रमुख स्कूल लोहियानगर में खुल चुके हैं। इनके मानचित्र पास करने से पहले विकास शुल्क समेत अन्य कई शुल्क एमडीए ने वसूले होंगे। इसके बावजूद अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। यहां स्थित स्कूलों में आने-जाने वाले शिक्षक एवं अभिभावक परेशान रहते हैं। वहीं, कांग्रेस नेता रोहित गुर्जर का कहना है कि यहां नाली साफ नहीं होने से सड़कों पर पानी जमा रहता है। जिससे यहां से गुुजरना मुश्किल हो रहा है। इस बाबत कई बार पत्र लिखने के बाद भी कार्य नहीं कराया गया है।
वर्जन
यहां की सड़कों का बजट बनाया जा रहा है। लोहियानगर की कई सड़कों के टेंडर निकाले जाएंगे। जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।-दुर्गेश श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता, एमडीए