तीन साल में ही टूटी बागपत रोड
बड़े-बड़े गड्ढे होने से बढ़ी हादसों की संख्या, बुधवार को पलटा ट्रक
पिछले माह पीडब्ल्यूडी ने भरे थे गड्ढे, फिर भेजा मरम्मत का प्रस्ताव
मेरठ।
तीन साल पहले एमडीए द्वारा बनाई गई बागपत रोड पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बारिश के बाद गहरे गड्ढों में पानी भर गया है। ऐसे में ये जानलेवा बने हैं। गड्ढों में फंसकर वाहन पलट रहे हैं। दो पहिया वाहन सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। बुधवार को गड्ढों में फंसकर एक ट्रक पलट गया। हादसे में चालक और क्लीनर बाल-बाल बचे।
शासन ने सड़क की उम्र पांच साल निर्धारित की है। जो भी विभाग सड़क बनाएगा, पांच साल तक सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और ठेकेदार की होगी। बागपत रोड की बात करें तो यह बनने के तीन साल बाद ही टूटनी शुरू हो गई। एक साल से जनता टूटी सड़क से गुजर रही है। मार्ग पर उड़ती धूल और गहरे गड्ढों से वाहन चालक परेशान हैं।
भ्रष्टाचार दबाने को बदले जाते हैं विभाग
सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार को दबाने के लिए कुछ ही समय बाद विभाग बदल दिए जाते हैं। कुछ ऐसा ही बागपत रोड में भी हुआ है। सरकारी रिकार्ड में 2018 में इस सड़क को बनाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दे दी गई। पीडब्लूडी ने पिछले माह सड़क के गड्ढों को भरवाया था। लेकिन दो दिन हुई बारिश से फिर गड्ढे तैयार हो गए है।
शासन ने नहीं दिया धन
बागपत रोड तीन साल में ही टूट गई। इसके चलते पीडब्लूडी के नई सड़क बनाने के प्रस्ताव को शासन ने लौटा दिया। तीन माह पहले ही पीडब्ल्यूडी ने फिर शासन को सड़क की मरम्मत के लिए बजट प्रस्ताव भेजा था। लेकिन शासन से धन नहीं मिला।
वर्जन====
बागपत रोड को एमडीए ने बनवाया था, जो कि समय से पहले टूट गई। शासन पांच साल से पहले किसी सड़क को बनाने के लिए धन नहीं देता है। मरम्मत के लिए धन मांगा गया है। धन मिलते ही गड्ढों को भरने का काम कराया जाएगा। फिलहाल नए गड्ढों में पत्थर डलवा दिए जाएंगे। -प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी