उन्होंने कहा कि आपसी भाईचारा बनाए रखें। चुनाव आते-जाते रहते हैं, हार जीत होती रहती है। इससे परेशान न हों। समय बड़ा बलवान है। चुनाव में जो हो गया, वह पुराना हो चुका है। नेता बिना कोई समाज और पार्टी नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि जो लोग इधर-उधर चले गए। उन पर आप ध्यान न दें। वे पार्टी को मजबूत बनाने का काम करें।
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इस अवसर पर किसानों ने भी उन्हें अपनी समस्याएं गिनाईं। इसमें गन्ने की समस्या, बिजली, पानी, गन्ने का भुगतान आदि शामिल रहीं। उन्होंने कहा कि वे अधिकारियों से बात कर समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
अजित सिंह ने कहा कि यह सरकार किसान और मजदूर विरोधी है। किसानों पर बिजली की दरें बढ़ाकर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। गन्ने का भुगतान नहीं हुआ है। न ही भाव बढ़ाया जा रहा है और न ही युवाओं को रोजगार मिल रहा है। देश आर्थिक संकट से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री विदेशों में घूम रहे हैं और वे विदेशों में पैसा दे रहे हैं जबकि उनकी जनता आर्थिक संकट से तरस रही है।