अहमद हमीद पूर्व मंत्री कोकब हमीद के बेटे हैं; वर्ष 2017 में बसपा से चुनाव लड़ चुके हैं। बड़ौत व छपरौली सीट पर प्रत्याशी घोषित नहीं किए गए, शनिवार तक उम्मीद हैं। नवाब अहमद हमीद का परिवार राजनीतिक रहा है। दादा शौकत हमीद वर्ष 1962 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे।
रालोद-सपा गठबंधन ने बागपत से नवाब अहमद हमीद पर दांव खेलते हुए प्रत्याशी बनाया है। अहमद हमीद के दादा शौकत हमीद भी बागपत से विधायक रह चुके है तो उनके पिता कोकब हमीद कई बार विधायक बनने के साथ ही मंत्री भी रहे है। रालोद-सपा में बड़ौत व छपरौली सीट पर अभी पेंच फंसा हुआ है, इसलिए प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है। शनिवार तक घोषणा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
नवाब अहमद हमीद को बागपत सीट से रालोद-सपा प्रत्याशी बनाए जाने के कयास पिछले काफी दिनों से लगाए जा रहे थे। इस पर गुरुवार को रालोद-सपा गठबंधन की पहली सूची जारी होने के बाद मुहर लग गई। नवाब अहमद हमीद को टिकट देकर मुस्लिम कार्ड खेला गया है। अभी तक प्रत्याशियों की स्थिति को देखते हुए मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण होता नहीं दिख रहा है। अहमद हमीद वर्ष 2017 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके है, जिनमें 61,206 वोट मिले थे।
पिता कोकब कई बार विधायक बने और मंत्री भी रहे
नवाब अहमद हमीद का परिवार राजनीतिक रहा है। दादा शौकत हमीद वर्ष 1962 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे। इनके बाद पिता नवाब कोकब हमीद वर्ष 1985 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। इसके बाद वह 1993 से 2012 तक लगातार बागपत सीट से विधायक रहे और वर्ष 2002 से 2007 वाले कार्यकाल में मंत्री भी बनाए गए।
बड़ौत व छपरौली पर जल्द घोषित होंगे प्रत्याशी
रालोद ने भले ही बागपत सीट पर प्रत्याशी घोषित कर दिया हो, लेकिन बड़ौत व छपरौली सीट पर अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किए गए। इन दोनों सीटों पर काफी खींचतान चल रही है। इन सीटों के प्रत्याशियों को लेकर कई फर्जी सूची भी जारी हुई, जिससे खुद चौधरी जयंत सिंह को ट्वीट करके बताना पड़ा कि वह फर्जी सूची है। यह माना जा रहा है कि शनिवार तक इन दोनों सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा होगाी।