मेरठ। रालोद ने केंद्र सरकार द्वारा तीन नए अध्यादेश लागू किए जाने पर विरोध जताया है। क्षेत्रीय अध्यक्ष का कहना है कि ये तीनों अध्यादेश किसान विरोधी हैं। रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के निर्देश पर इसके विरोध में कार्यकर्ता सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष हस्तिनापुर यशवीर सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार किसानों के खिलाफ तीन अध्यादेश ला रही है। इनमें पहला कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश 2020 है। इसमें कोई भी पैन कार्ड धारक किसानों की फसल खरीद सकेगा। सरकार मंडियों को खत्म करना चाहती है। यदि मंडी द्वारा किसानों की फसल की खरीद फरोख्त नहीं की गई तो सरकार एसएमपी लागू नहीं कर पाएगी। वहीं, किसानों को सरकार द्वारा न्यूनतम निर्धारित मूल्य नहीं मिल पाएगा। पहले जमाने की तरह ही बड़े व्यापारी औने-पौने दाम में किसानों की फसल खरीद लेंगे।
दूसरा आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन से सरकार भंडारण की सीमा खत्म कर देगी। इस पर बड़े व्यापारी किसान की फसल आने पर सस्ते रेट में भंडारण कर लेंगे। इसकी वजह से वस्तुओं की कीमत बढ़ जाएगी। इससे कालाबाजारी को बल मिलेगा। किसानों को एसएमपी भी नहीं मिल पाएगा। यशवीर ने कहा कि तीसरा अध्यादेश कॉट्रेक्ट फार्मिंग है। इसमें बड़े औद्योगिक घराने खेती कर सकते हैं। छोटे किसान उनके यहां अपनी ही जमीन पर नौकर बन जाएंगे। इस अधिनियम में किसानों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। फसलों के न्यूनतम मूल्य तक का जिक्र नहीं है। ये तीनों अध्यादेश किसान विरोधी हैं। रालोद ने इनके विरोध में हर जिले में प्रदर्शन की रणनीति बनाई है।