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उफान पर नदियां: जान जोखिम में डाल 19 मजदूरों को बचाया, मायावती ने पीड़ित परिवारों को भेजी मदद

Mon, 27 Aug 2018 02:12 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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फाइल फोटो
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यूपी में बिजनौर के नजीबाबाद में सूखरो नदी के उफान से हाईवे को बचाने में जुटे कई मजदूर नदी के बीच फंस गए। बहते हुए तीन मजदूरों को उनके साथियों ने बचा लिया। प्रशासन की रेस्क्यू टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती सूखरो के बीच 19 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। डीएम और एसपी ने घटनास्थल का दौरा किया। वहीं गंगा में डूबे परिवारों को पूर्व सीएम मायावती ने मदद भेजी है।

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नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग पर सूखरो नदी के पुल के निकट हाईवे को नदी के कटाव से सुरक्षित रखने में जुटे 19 मजदूरों की जान रविवार को प्रात: अचानक नदी के उफान से जोखिम में फंस गई। मजदूर नेशनल हाईवे को सूखरो नदी के कटान से बचाने के लिए सैंड बैग लगा रहे थे तभी अचानक सूखरो नदी में पहाड़ों की ओर से पानी आ गया। पलभर में सभी मजदूर नदी के विकराल रूप में घिर गए। मजदूरों के सूखरो नदी के बीच घिरने की खबर से प्रशासन में हड़कंप मच गया। 

एसडीएम डॉ.पंकज कुमार वर्मा, सीओ अरुण कुमार सिंह, थाना प्रभारी डीएस धामा पीएसी के गोताखोर, पुलिस बल और राजस्व कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सूखरो नदी की धारा में फंसे तीन मजदूरों को रस्सियों के सहारे बाहर निकाल लिया गया। बताया जाता है कि तीन मजदूर रईस, मोनिस और समीर नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए थे। प्रशासन की टीम पहुंचने से पहले साथी मजदूरों ने उन्हें बचा लिया, लेकिन स्वयं वे नदी के विकराल रूप में घिर गए। 
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सूचना मिलने पर डीएम अटल राय, एसपी उमेश कुमार ने क्षेत्र का दौरा किया। अधिकारियों ने सूखरो सड़क मार्ग को वह क्षतिग्रस्त स्थान भी देखा जहां नदी के उफान से हाईवे का आधे से अधिक भाग क्षतिग्रस्त हो चुका है। हाईवे के क्षतिग्रस्त भाग को बचाने के लिए मजदूर सैंड बैग लगा रहे थे तभी नदी के बढ़े जलस्तर के विकराल रूप में घिर गए।

इन्हें मिली नई जिंदगी

उफान नदी - फोटो : अमर उजाला
सूखरो नदी में घिरे मजदूरों के सकुशल बाहर निकाले जाने से परिजनों ने राहत की सांस ली। मौत के मुंह से बचकर आए गांव जसवंतपुर लुकादड़ी के मजदूरों में रईस, मोनिस, समीर, मुख्तार, अकरम, दिलशाद, अहसान, मो.नौशाद, सद्दाम, शकील, आलम, खालिद, अबरार, तौकीर, इरफान, फैजुल, शाहनवाज, बाबू, दिलशाद शामिल थे। 

कछियाना बस्ती पहुंचे अधिकारी 
डीएम व एसपी ने एसडीएम व सीओ के साथ नगर की आबादी से जुड़ी कछियाना बस्ती का भी निरीक्षण किया। कछियाना की पूरी बस्ती शनिवार को मालन नदी के उग्र रूप से बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावित है। कछियाना क्षेत्र में मालन नदी का पानी कम हो गया है, लेकिन कुछ मकान  अभी भी प्रभावित हैं। डीएम ने प्रभावित लोगों को भोजन व रहने के सुरक्षित स्थान के बारे में एसडीएम से जानकारी की। 

टीम ने बांटे खाने के पैकेट  
मालन नदी से प्रभावित कछियाना के लोगों के घरों में शनिवार को चूल्हे नहीं जले। एसडीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने प्रभावित कछियान वासियों को एक हजार खाने के पैकेट शनिवार को बांटे। रविवार को प्रभावित लोगों के खाने की व्यवस्था गांव में जुटाई गई। 

कंट्रोल रूम और बाढ़ चौकी बनी 
प्रशासन ने पहाड़ों पर हुई वर्षा से नदियों के उफान से क्षेत्र के लोगों को बचाने के लिए राहत चौकियां बनाई हैं। तहसील में नायब तहसीलदार सीके त्रिपाठी के निर्देशन में कंट्रोल रूम बनाया गया। कंट्रोल रूम के अतिरिक्त एमडीएस इंटर कॉलेज नजीबाबाद, किरतपुर और भागूवाला में अस्थायी बाढ़ चौकियां बनाई गईं हैं।

गूलाह, नकटा नदियों में उफान, तीन घर बहे 

बढ़ापुर में वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदियों ने भू कटाव करना शुरू कर दिया है। बढ़ापुर कस्बा तीनों ओर से गूलाह, नकटा नदी से घिरा है। क्षेत्र में बहने वाली नदियों का जलस्तर पहाड़ी क्षेत्र में होने वाली वर्षा पर निर्भर है। दो दिन पूर्व पहाड़ी क्षेत्र में हुई भीषण वर्षा के चलते क्षेत्र की नदियां उफान पर हैं। शनिवार को कस्बे का क्षेत्र के गांवों और खो नदी का पानी बढ़ापुर-नगीना मार्ग पर कई फीट ऊंचाई तक बहने के कारण जनपद मुख्यालय से संपर्क कट गया था। रविवार को जलस्तर में कमी आई, लेकिन भूकटाव की समस्या उत्पन्न हो गई है। गूलाह नदी का पानी  शनिवार रात मोहल्ला गड़रियान में कई घरों में घुस गया। वहीं गूलाह नदी के पानी से उत्पन्न भूकटाव की चपेट में आकर मोहल्ले के राजपाल, रामपाल, देवेश के घर का एक भाग गूलाह नदी में बह गया। मोहल्ला लालसराय के भी दर्जनों मकान इन नदियों के मुहाने पर हैं।

50 घंटे बाद भी गंगा में बहे लोगों का सुराग नहीं 
बिजनौर में शुक्रवार को गांव चौहड़वाला के सामने नाव पलटने से गंगा में समाए नौ लोगों 50 घंटे बाद भी कोई पता नही चला है। रविवार को भी बैराज से लेकर रावली व राजारामपुर तक एनडीआएफ, पीएसी व स्थानीय गोताखोरों ने गंगा में संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाया। कोई सफलता नहीं मिली। गंगा मे इन टीमों को फोकस झाड़ियां रहीं।  शुक्रवार को मंडावर थाने के गांव डेबलगढ (राजारामपुर) के लोग नाव में सवार होकर गंगा पार करके पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। चारा लेकर लौटते समय उनकी नाव चौहड़वाला के सामने गंगा के बीचोंबीच उफनती लहर में फंस गई थी। गांव वालों के मुताबिक नाव में 28 लोग सवार थे। 17 को उसी दिन लोगों ने गंगा से सकुशल निकल लिया था। नगीनी नाम की महिला का रावली से आगे गंगा में शव मिला था। शनिवार को मीना देवी महिला का भी रावली से आगे झाड़ियों में फंसा शव मिला था। 

हेलीकाप्टर के अलावा एनडीएआफ, पीएसी की टीम के साथ स्थानीय गोताखोर व गंगा में डूब लोगों के परिजन गंगा को खंगालने में जुटे रहे,पर कोई सफलता नहीं मिली। शनिवार की शाम छह बजे तक गंगा में सर्च अभियान चलाया गया। एक और महिला मिली, लेकिन उसकी भी मौत हो गई। रविवार सुबह करीब छह बजे ये टीम फिर से सक्रिय हो गई। यह टीम दिनभर गंगा को खंगालती रही पर उन्हें कोई नहीं मिला। इन टीमों को फोकस गंगा में खड़ी झाड़ी पर रहा। इन टीमों को उम्मीद रही कि झाड़ियों में गंगा में डूबा कोई न कोई हो सकता है ,पर कोई नहीं मिला। टीम ने राजारामपुर से लेकर गंगा बैराज तक अभियान चलाया। स्थानीय गोताखोर, टायरों व नाव के सहारे गंगा में सक्रिय रहे। एनडीआरएफ व पीएसी की टीम भी स्थानीय गोताखोरों की मदद लेती रही। एडीएम बृजेश सिंह व सीओ महेश कुमार भी गंगा के क्षेत्र में सक्रिय रहे। टीमों से हर पल की जानकारी लेते रहे।
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पूर्व सीएम मायावती ने भेजी मदद

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने गंगा में डूबे गांव वालों के परिवारों की आर्थिक सहायता कराई है। बसपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने गांव डेबलगढ़ में जाकर डूबे लोगों के परिजनों को दस दस हजार रुपये दिए। गंगा में डूबे परिजनों में से नौ का अब भी पता नहीं चला है। सभी राजनीतिक दल गांव में डेरा जमाए हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती तक भी इस हादसे की सूचना गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने गंगा में डूबे गांव वालों के परिजनों की सुध ली है। पूर्व एमएलसी सुबोध पाराशर शनिवार को गांव गए थे। पूर्व मुख्यमंत्री के आदेश पर रविवार को नगीना विधानसभा प्रभारी वीपी सिंह, मंडल जोन कोआर्डिनेटर सरजीत सिंह, कविराज, जितेंद्र सागर, धनीराम, मुन्ना सिंह, पूर्व प्रत्याशी महबूब अहमद, प्रमोद कुमार, सचिन आदि गांव पहुंचे। उन्होंने गंगा में डूबे लोगों के परिवारों को दस दस हजार रुपये प्रत्येक परिवार को दिए। 

कहा कि वे हर दुख सुख की घड़ी में गांव वालों के साथ हैं। गांव वालों को कोई समस्या हो तो वे किसी भी समय उनसे संपर्क कर सकते हैं। गांव वालों की हर संभव सहायता की जाएगी। इस दौरान सोनू कुमार, धर्म सिंह चौहान, ब्रजपाल चौहान, जहूर अहमद, अरुण, दिलीप, अमर सिंह, अतर सिंह आदि मौजूद रहे।

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