किसानों ने नुकसान की आशंका जता मुआवजा मांगा, लेखपालों ने सर्वे शुरू किया
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। लगातार बारिश से हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। ऊपरी क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण नदी किनारे के गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं। कई स्थानों पर फसलें पानी में डूबने से किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। तहसील प्रशासन ने लेखपालों को भेजकर सर्वे शुरू करा दिया है।
हिंडन नदी के बढ़ते जलस्तर से बपारसी, पिठलोकर, नाहली, मुल्हेड़ा, पांचली बुजुर्ग, हर्रा समेत करीब 10 गांवों के खेत प्रभावित हुए हैं। खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण फसलें खराब होने लगी हैं। किसान मुनव्वर प्रधान, जयभगवान, यशपाल, सुरेश, छोटू, इस्माइल, वेदप्रकाश, बबलू, राजा ठाकुर, अनिल किसानों का आरोप है कि उनकी फसलें जलभराव से बर्बाद हो रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस राहत नहीं मिली है।
सिंचाई विभाग के अधिकारी स्थिति को सामान्य बता रहे हैं, लेकिन फसलें डूबी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1978 में हिंडन नदी में आई भीषण बाढ़ से क्षेत्र की अधिकांश फसलें नष्ट हो गई थीं। यदि बारिश जारी रही तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर फसल नुकसान का आकलन करने और मुआवजा दिलाने की मांग की है।
तहसीलदार ज्योति सिंह ने बताया कि लगातार बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ा है। स्थिति का आकलन करने के लिए क्षेत्रीय लेखपालों को मौके पर भेजा गया है। सर्वे रिपोर्ट राजस्व विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके आधार पर नियमानुसार किसानों को राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।