दंगा नियंत्रण वाहन ने व्यापारी को रौंदा, मौत
मेरठ। सूरजकुंड स्थित हंस चौराहे पर बृहस्पतिवार रात दंगा नियंत्रण वाहन (वज्र वाहन) से एक व्यापारी को रौंद डाला। व्यापारी की मौके पर ही मौत हो गई। आरोप है कि वज्र वाहन का चालक पुलिसकर्मी शराब के नशे में धुत था, जिसके बाद भीड़ भड़क गई। महिलाओं ने पुलिसकर्मी को पीटना शुरू कर दिया। सूचना पर कई थानों की पुलिस पहुंच गई। घायल पुलिसकर्मी को अस्पताल और व्यापारी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस के अनुसार नौचंदी थाना क्षेत्र के नेहरू नगर 803/1 निवासी किशन गुप्ता (57) पुत्र दयाराम गुप्ता कैरम बोर्ड बनाते थे। जो भाजपा पार्षद अंशुल गुप्ता के मामा बताए गए। सूरजकुंड पर वह ऋषभ स्पोर्ट्स फैक्टरी समेत कई जगहों पर सामान देते थे। बृहस्पतिवार रात करीब 8:30 बजे किशन गुप्ता साइकिल से घर लौट रहे थे। इस दौरान सूरजकुंड स्थित हंस चौराहे पर सामने से आ रहे वज्र वाहन ने किशन गुप्ता की साइकिल में टक्कर मार दी। किशन गुप्ता ने बचने का प्रयास किया। लेकिन वज्र वाहन का चालक पुलिसकर्मी गाड़ी को कंट्रोल नहीं कर पाया और उसने रफ्तार बढ़ा दी। वज्र वाहन किशन गुप्ता को रौंदते हुए निकल गया। किशन गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई।
इस हादसे को देखकर लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने वज्र वाहन को घेर लिया और चालक पुलिसकर्मी को खींचने लगे। आरोप है कि वज्र वाहन चला रहा पुलिसकर्मी नशे में धुत था। पुलिस की गाड़ी से व्यापारी की मौत पर गुस्सायी महिलाओं और लोगों ने पुलिसकर्मी को पीटकर अधमरा कर दिया। लोग इस दौरान वीडियो बनाने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स ने भीड़ को वहां से हटाया।
पांच पुलिसकर्मी जान बचाकर भागे
बताया गया कि वज्रवाहन में पांच पुलिसकर्मी भी सवार थे। आक्रोशित भीड़ को देखकर पुलिसकर्मी वहां से जान बचाकर भाग गए। जबकि एक पुलिसकर्मी को भीड़ ने पकड़ लिया। वहीं, व्यापारी के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार ने आर्थिक मदद की मांग की है।