पहले भी दो चोटियां फतेह कर चुका है रिहान
रिहान ने बताया माउंट स्टॉक कांगड़ी फतेह करने के दौरान लगातार बर्फबारी होती रही और तापमान-10 से -15 डिग्री के बीच रहा। उनके साथ पर्वतारोही दल में शामिल राजस्थान की 10 साल की कृष्णा और छत्तीसगढ़ की 22 वर्षीय नीशू तो लक्ष्य तक पहुंच ही नहीं पाई। वह केवल बेस कैंप तक पहुंची। ठंड के कारण उनका शरीर और दिमाग काम नहीं कर रहे थे। बर्फीली हवा के कारण उन्हें बेस कैंप में टेंट में रखना पड़ा। दल के सभी लोग दोनों की हालत देखकर डर गए, लेकिन उन्होंने हौसला नहीं तोड़ा और लगातार लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। माउंट स्टॉक कांगड़ी फतेह करने से पहले रिहान नवंबर 2018 में हिमाचल प्रदेश में शिमला के पास 8000 फुट ऊंची चोटी काली का टिब्बा और 26 मई 2019 में सोलन रेंज की 9000 फुट ऊंची करोल चोटी फतेह कर चुका है। रिहान ने बताया कि उसका अगला लक्ष्य एवरेस्ट और छह महाद्वीपों की बड़ी चोटी हैं। इसके लिए वह एडवांस कोर्स करने की तैयारी कर रहा है।
बेटे की उपलब्धि पर मां- पिता खुश
बेटे की उपलब्धि पर उसके पिता कुर्बान और मां राशिदा खुश हैं। उनका कहना है कि उसके बेटे ने गरीबी और तंगहाली से संघर्ष कर यह उपलब्धि हासिल की हैं। बेटे के सपनों को सच होते देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है और अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
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