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रायफल लूट प्रकरण: एनआईए टीम ने कराई मुठभेड़ स्थल की वीडियोग्राफी, जुटाए अहम सबूत

Wed, 26 Dec 2018 11:43 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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रायफल लूट प्रकरण - फोटो : अमर उजाला
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रायफल लूट प्रकरण की जांच में जुटी एनआईए टीम ने बुधवार को भी आरोपियों को साथ लेकर घटना से जुड़े तथ्य जुटाए। टीम ने घटना से जुड़े स्थानों पर पहुंचकर तहकीकात की। करनाल स्थित एक गुरुद्वारे में जाकर भी जांच की। यहीं पर जर्मन सिंह कारसेवकों का ट्रक ड्राइवर बताया जा रहा था।

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इंस्पेक्टर झिंझाना ओपी चौधरी के मुताबिक, एनआईए टीम ने इस घटना के सभी आरोपियों को साथ लेकर मुठभेड़ स्थल पर गांव रंगाना के जंगल में गई। टीम ने वहां वीडियोग्राफी कराई और खेत मालिक को बुलाकर बयान दर्ज किए। टीम ने चौसाना के गांव कमालपुर में चेकपोस्ट पर जाकर सिपाही और होमगार्ड को गोली मारकर रायफल लूटने वाले स्थान का नक्शा बनाया। 

आरोपियों ने बताया था कि रायफल लूटने के बाद लूटे गए असलहों को रंगाना फार्म स्थित गुरुद्वारे में ग्रंथी कर्मा को सौंप दिए थे। इसके बाद दो बाइक पर करनाल स्थित मेरठ बाईपास देवी लाल चौक पर शराब पीकर सभी अलग हो गए थे। इसके बाद जर्मन सिंह करनाल स्थित गुरुद्वारे में चला गया। गुरूजैंट निवासी ढ़लावली गंगोह और कर्मसिंह अजीजपुर अपने गांव चले गए थे। इन सभी तथ्यों की टीम ने पड़ताल की। 
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इसके अलावा थाना प्रभारी ने बताया कि दोपहर बाद एनआईए की टीम हरियाणा के करनाल स्थित गुरुद्वारे में पहुंची और मामले की पड़ताल की। जानकारी के अनुसार जर्मन सिंह को गुरुद्वारे का ट्रक ड्राइवर बताया गया था।

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नगर पंचायत कर्मियों को बतौर गवाह रखा साथ
एनआईए टीम ने अपने साथ नगर पंचायत झिंझाना से कर्मचारी महेंद्र सिंह और सफाई नायक अमित को गवाह के रूप में अपने साथ रखा। दोनों से गवाहों के तौर पर हस्ताक्षर कराए हैं। नगर पंचायत कर्मी महेंद्र सिंह ने बताया कि टीम ने पूरे दिन अपने साथ रखा और सभी घटनास्थलों पर जाकर जांच की। थाना प्रभारी ओपी चौधरी के अनुसार टीम ने दो दिन तक जांच पड़ताल की है। एनआईए टीम ने झिंझाना पुलिस को साथ लेकर आरोपियों के बताए सभी स्थानों पर वीडियोग्राफी की। इसके बाद सभी आरोपियों के परिजनों को थाने बुलाकर बातचीत की है।

परिजनों को भी थाने बुलाया गया
बुधवार को इस केस के मुख्य आरोपी जर्मन की मां झिंझाना थाने पहुंचीं थीं। शाम को एनआईए टीम थाने पहुंची। जर्मन की मां हरमन कौर बताया कि उसका बेटा तो गुरुद्वारे में कारसेवकों की गाड़ी चलाता था। इसके अलावा रंगाना फार्म गुरुद्वारे के ग्रंथी कर्मा उर्फ कर्म सिंह की मां ने बताया कि उसका बेटा दिव्यांग है। दो साल पहले जालंधर कारसेवा में गया था। तीन माह पूर्व ही घर आया था, तभी से गुरुद्वारे का ग्रंथी बना हुआ था। परिजनों ने बताया कि पुलिस ने उन्हें सूचना देकर बुलाया था। एनआईए टीम द्वारा उन्हें वापस ले जाते वक्त परिजन गाड़ी के पास खड़े होकर मिले।
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ये था मामला
दो अक्तूबर की रात दस बजे झिंझाना थाने की चौसाना पुलिस चौकी की कमालपुर चेकपोस्ट पर सिपाही संसार सिंह व होमगार्ड संजय वर्मा निगरानी कर रहे थे। इसी समय दो बाइकों पर सवार चार बदमाशों ने सिपाही को पीटकर व होमगार्ड को गोली मारकर घायल कर दिया था और उनसे दो रायफल लूटकर फरार हो गए थे। तत्कालीन एसपी दिनेश कुमार के नेतृत्व में शामली व सहारनपुर की क्राइम ब्रांच के अलावा एसटीएफ और थाना पुलिस की टीमें घटना के खुलासे के लिए लगाई गई थी। 14 अक्तूबर की रात में झिंझाना पुलिस व एसओजी टीम ने ऊन रोड स्थित गांव रंगाना लिंक रोड पर मुठभेड़ के बाद रायफल लूट के दो आरोपी सरदार अमृत सिंह और सरदार गुरूजैंट को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर लूटी गई रायफल रंगाना फार्म स्थित गुरुद्वारे की रसोई से ग्रंथी सरदार कर्म सिंह उर्फ कर्मा से बरामद हुई थी। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया था कि गैंग का लीडर सरदार जर्मन सिंह है और पंजाब में पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की सभा में बड़ा हमला करने के लिए रायफल लूटी गई थी। आरोपियों का संबंध खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट से होना पाया गया था। जर्मन सिंह को पंजाब की पटियाला पुलिस ने राजस्थान के बीकानेर से पकड़कर एनआईए टीम को सौंप दिया था, तब से चारों आरोपी मुजफ्फरनगर जेल में थे। कुछ दिन पहले ही आरोपियों को लखनऊ जेल में शिफ्ट किया गया है। एनआईए टीम आरोपियों को 15 दिन के रिमांड पर लेकर झिंझाना व उनसे संबधित स्थानों की जांच पड़ताल करने पहुंची है।

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