इस मामले में नौ अप्रैल 2026 को सरूरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता अनवर ने आरोप लगाया था कि शेखर नामक व्यक्ति ने उसे ऋण दिलाने का झांसा देकर उसका आधार पत्र और पैन पत्र ले लिया था। इसके बाद कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए, जिनका बाद में कथित रूप से उधम सिंह की जमानत में इस्तेमाल किया गया।
जमानत रद्द, जारी हुआ वारंट
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट न्यायालय को भेजी थी। न्यायालय ने सुनवाई के बाद उधम सिंह की जमानत निरस्त कर दी और उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। इसी बीच आरोपी के देश छोड़कर नेपाल भागने की आशंका भी जताई गई थी, जिसके बाद विभिन्न एजेंसियों को सतर्क किया गया।
बढ़ता गया इनाम, तलाश जारी
उधम सिंह की गिरफ्तारी के लिए पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बाद में यह राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये की गई और अब एडीजी भानु भास्कर ने इसे एक लाख रुपये कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और जल्द ही उसे पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।