हस्तिनापुर में चल रही वन विभाग की परियोजना की समीक्षा करते अधिकारी स्रोत विभाग
- पीसीसीएफ ने रेस्क्यू सेंटर के चौथे फेज का कार्य तेज करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। वन विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर के चौथे चरण के निर्माण कार्य की प्रगति का शनिवार को उच्चस्तरीय निरीक्षण किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ) अनुराधा वैमूरी समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का जायजा लिया और इसे निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ अनुराधा वैमूरी व आईएफएस अधिकारी डॉ. नीरज ने सामाजिक वानिकी प्रशिक्षण केंद्र के समीप निर्माणाधीन वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर के चौथे फेज के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि सेंटर के शीघ्र तैयार होने से घायल और भटके हुए वन्यजीवों को तत्काल रेस्क्यू कर उचित उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुर्योधन और कर्ण वन ब्लॉकों में कराए गए वानिकी कार्यों की भी समीक्षा की। इसके अलावा खेड़ी घाट से मखदूमपुर घाट तक प्रस्तावित डॉल्फिन सफारी रूट का मोटरबोट के माध्यम से निरीक्षण किया। टीम मखदूमपुर गंगा घाट पहुंची, जहां विश्व प्रकृति निधि भारत और वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित कछुआ संरक्षण अभियान का निरीक्षण किया। वन प्रशिक्षण केंद्र में बनी हैचरी में कछुओं के घोंसलों को देखा और संरक्षण कार्यों की समीक्षा की। इस मौके पर मुख्य वन संरक्षक डॉ. कृष इलंगो, वन संरक्षक आदर्श कुमार, डीएफओ वंदना फोगाट तथा वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।