निजी कर्मचारी के पास थे सभी पासवर्ड
एसपी क्राइम का कहना है कि घोटाले में पूर्व में तैनात रहे जिला आपूर्ति अधिकारी, कई एआरओ और इंस्पेक्टर भी फंसने लगे हैं। आपूर्ति विभाग ऑफिस पर तैनात प्राइवेट कर्मचारी के पास मशीनों का पासवर्ड था। कई मुकदमों में सिर्फ कोटेदार को नामजद किया गया है। जांच में सामने आया कि मशीनों को डीएसओ ऑफिस में मंगाया जाता था। वहां मशीनों को पासवर्ड से खोला और लॉक किया जाता था। आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसी के कर्मचारी भी शक के दायरे में हैं।
हाईकार्ट में डालेंगे याचिका
एसपी क्राइम का कहना है कि राशन घोटले की मानीटरिंग हाईकोर्ट कर रही है। आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसी जांच में सहयोग नहीं कर रही। इस मामले में एसआईटी हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगी। जिससे पुलिस विवेचना पूरी कर जल्द चार्जशीट दाखिल कर सके। घोटाले के समय तैनात रहे आपूर्ति विभाग के कर्मचारी, इंस्पेक्टर और उच्च अधिकारियों का ट्रांसफर हो चुका है। वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे। जबकि राशन डीलरों की मिलीभगत से यह घोटाला किया गया।
राशन घोटाले में मेरठ में 85 मुकदमे दर्ज हुए। जांच में सामने आया कि 120 राशन कार्डों से 27 हजार लोगों का राशन निकाला गया। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही इसमें चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
- रामअर्ज, एसपी क्राइम
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