लोगों की सुरक्षा का जिम्मेदार कौन, स्थानीय लोग कर चुके कई बार शिकायत
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मेरठ। जिले में तेजी से बढ़ती हाईराइज इमारतों के बीच अग्नि सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शहर के बागपत रोड, दिल्ली रोड, पल्लवपुरम, कंकरखेड़ा, गंगानगर और गढ़ रोड पर सैकड़ों परिवार बहुमंजिला इमारतों में रह रहे हैं, लेकिन आग लगने की स्थिति में राहत और बचाव के पर्याप्त संसाधन न होने से लोगों में भय है। मेरठ में दमकल विभाग के पास हाइड्रोलिक मशीन नहीं है। इससे हाईराइज इमारत में रहने वालों में खतरा बढ़ गया है।
मेरठ में शहरीकरण के साथ बहुमंजिला इमारतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दिल्ली रोड स्थित सुपरटेक कॉलोनी निवासी रमन जौली, खेत्रपाल, राहुल और गोल्डन हाइट्स जन कल्याण समिति के संयोजक आरके वर्मा व सचिव सुनील त्यागी, धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कि सुविधाओं के नाम पर बिल्डर भले ही बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन सुरक्षा इंतजामों की हकीकत चिंताजनक है। खासतौर पर आग लगने की स्थिति में बचाव कार्य को लेकर लोगों में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है। आरोप है कि फायर ब्रिगेड विभाग के पास अब तक हाईराइज इमारतों में आग बुझाने के लिए जरूरी हाइड्रोलिक मशीन उपलब्ध नहीं है। यह मशीन ऊंची इमारतों तक पहुंचकर आग पर काबू पाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाती है। इसके अभाव में किसी भी बड़ी दुर्घटना की स्थिति में राहत कार्य बेहद मुश्किल हो सकता है। सीएफओ सुरेंद्र सिंह का कहना है कि लगातार हाइड्रोलिक मशीन के लिए प्रयास किया जा रहा है। जल्द लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
-पूर्व में कई बार कर चुके शिकायत
लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गाजियाबाद में हाल ही में हुई आग की घटना के बाद मेरठ के लोगों में डर और बढ़ गया है। उनका कहना है कि अगर यहां ऐसी कोई घटना होती है तो स्थिति भयावह हो सकती है। अग्निशमन विभाग को जल्द से जल्द आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाए और विशेष रूप से हाइड्रोलिक मशीन की व्यवस्था की जाए।
-ये है व्यवस्था
.मवाना में तीन बड़े टैंकर 13 हजार लीटर, एक छोटी गाड़ी 400 लीटर,एक फायर बाइक 18 लीटर फोम के साथ।
.सरधना में एक टैंकर 5 हजार लीटर व एक छोटी गाड़ी 400 लीटर।
.घंटाघर में एक कैंटर 2.50 हजार लीटर व एक छोटी गाड़ी 700 लीटर, फोम टेंडर 50 लीटर।
.परतापुर में दो कैंटर 5-5 हजार लीटर, एक बड़ा फोम टेंडर 5 हजार लीटर, एक फायर बाइक 18 लीटर, एक छोटी गाड़ी 400 लीटर व एक रेस्क्यू टेंडर छोटा।
.पुलिस लाइन में 3 बाउजर 22 हजार लीटर, 12 हजार लीटर व 6.50 हजार लीटर, तीन टैंकर 15 हजार लीटर, दो छोटी गाड़ी 700 लीटर व 400 लीटर, दो फायर बाइक 30 लीटर व एक रेस्क्यू टेंडर।
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