छावनी क्षेत्र के बहुचर्चित बंगला नंबर 210 बी पर शनिवार को कैंट बोर्ड के सीईई टीम के साथ पहुंचे तो कब्जेदारों की धड़कने बढ़ गईं। सीईई बंगले में हुए अवैध निर्माण का निरीक्षण करने पहुंचे थे, लेकिन लोगों को लगा कि आज ही इसे ढहा दिया जाएगा। कुछ लोगों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन किसी की एक नहीं चली। तय हुआ कि सोमवार से बंगले की फोटोग्राफी कराई जाएगी। जल्द ही अवैध निर्माण ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट से 28 अप्रैल को बिल्डर आनंद प्रकाश अग्रवाल और 29 अप्रैल को हाईकोर्ट से 23 कब्जेदारों की अपील खारिज होने के आदेश सार्वजनिक होने के बाद कैंट बोर्ड ने बंगले का अवैध निर्माण ध्वस्त करने की कार्यवाही तेज कर दी है। शनिवार को सीईओ राजीव श्रीवास्तव के निर्देश पर सीईई अनुज सिंह ने अपने दस्तावेजों और कोर्ट में सन 1994 का जमा किया हुआ नक्शा निकाला।
जिसके आधार पर सीईई के नेतृत्व में सहायक अभियंता पीयूष गौतम, अवधेश यादव, ब्रिजेश सिंघल समेत ड्राफ्ट मैन आदि सदस्य बंगला नंबर 210 बी पहुंचे। जहां उन्होंने अपने नक्शे के अनुसार बंगले में हो चुके अवैध निर्माण का निरीक्षण किया।
कैंट बोर्ड टीम को देख बंगले के कब्जेदारों में हड़कंप मच गया। टीम ने बंगले के सभी हिस्सों का निरीक्षण कर अपने नक्शे से मिलान किया। साथ ही बंगले के जिन हिस्सों पर अवैध निर्माण हो चुका है, उसका लेआउट तैयार करने के निर्देश दिए। कई घंटे तक निरीक्षण करने के बाद टीम लौट गई।
टीम को देख भड़के लोग
कैंट बोर्ड टीम को देखते ही बंगले में हड़कंप मच गया। लोगों को ऐसा लगा कि जैसे कैंट बोर्ड आज ही बंगले के निर्माण को ध्वस्त कर देगा। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। हर किसी के चेहरे पर चिंता के बादल साफ नजर आ रहे थे। कुछ लोगों ने टीम के सामने विरोध करने का प्रयास भी किया, लेकिन किसी की भी नहीं चल सकी।
कब्जेदारों ने की बैठक
कैंट बोर्ड टीम के चले जाने के बाद बंगले के कब्जेदारों ने बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। सभी ने एक स्वर में कैंट बोर्ड टीम का विरोध करने और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला लिया।
सोमवार को होगी फोटोग्राफी
सीईई अनुज सिंह ने बताया कि सोमवार से बंगले की फोटोग्राफी होगी। वहीं, सभी विभागों को निर्देश दे दिए गए है कि वह अपने स्तर से अपना कार्य पूरा करें। सभी विभागों की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। हालांकि कार्रवाई के दौरान यह ध्यान रखा जाएगा कि किसी अन्य को नुकसान न हो।
कोट
कोर्ट ने जो फैसला दिया है, उसी के अनुसार कैंट बोर्ड कार्रवाई में जुटा है। सभी विभाग अपना काम कर रहे हैं, सोमवार से कार्य और तेज हो जाएगा। जल्द ही अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा। - राजीव श्रीवास्तव, सीईओ, कैंट बोर्ड