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Meerut News: सीसीएसयू में लवणीयता तनाव और फसल सुधार पर होगा अनुसंधान

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सीसीएसयू के हिंदी भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्य अतिथि डा गोपेश्वर सिंह। ......
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की केंद्रीय मृदा लवणीयता अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीएसएसआरआई), करनाल के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सहयोग लवणीयता तनाव विज्ञान और फसल सुधार के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान, स्नातकोत्तर प्रशिक्षण तथा शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा।
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विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने बताया कि इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य लवणीय मिट्टी में सहनशील फसल किस्मों का विकास करना है। मृदा लवणीयता देश की कृषि उत्पादकता के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिससे कई क्षेत्रों में फसलें प्रभावित होती हैं। दोनों संस्थान मिलकर क्षेत्रीय परीक्षण, जीनोमिक अनुसंधान और एकीकृत दृष्टिकोण से इस समस्या का समाधान तलाशेंगे। इस समझौते के तहत गेहूं सहित अन्य फसलों के जर्मप्लाज्म का सामान्य और लवणीय परिस्थितियों में मूल्यांकन किया जाएगा। इसका लक्ष्य लवणीयता सहनशील जीनोटाइप्स की पहचान करना और जीनोमिक क्षेत्रों का पता लगाना है, ताकि ऐसी फसलें विकसित की जा सकें जो खारे पानी और मिट्टी में भी अच्छी पैदावार दे सकें। यह अनुप्रयुक्त एवं अनुवादात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देगा, जिससे लवणीय क्षेत्रों में सतत कृषि को मजबूती मिलेगी तथा खाद्य सुरक्षा बढ़ेगी। इस साझेदारी से संयुक्त परियोजनाएं, छात्र प्रशिक्षण, वैज्ञानिक आदान-प्रदान और प्रौद्योगिकी विकास के नए अवसर खुलेंगे, जो उत्तर प्रदेश और हरियाणा के किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होंगे।
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