गन्ना विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते शुगर मिल प्रबंधन बेलगाम हो गया है। केन रिजर्वेशन में आवंटित कांटों को न तो शुगर मिलों ने पिछले साल लगाया था और न इस साल। गन्ना समिति से प्रस्ताव पास होने और गन्ना आयुक्त द्वारा कहने के बावजूद भी कई सेंटरों को अभी तक स्थापित नहीं किया जा सका है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
केन रिजर्वेशन के तहत दौराला शुगर मिल को गांव जसड़, भलसौना और खेड़ा में गन्ना सेंटर आवंटित किए गए थे। मिल ने इन सेंटरों को पिछले साल भी नहीं चलाया था। किसानों के हंगामा करने और बढ़ते दबाव के चलते शुगर मिल प्रबंधन ने इसके खिलाफ कोर्ट में जाने की धमकी दी थी।
इस साल भी यही हाल है। तीनों गांवों के सेंटर अभी तक नहीं लग सके हैं। किनौनी शुगर मिल ने करनावल में आवंटित सेंटर अभी तक नहीं लगाया है। इसके अलावा अफजलपुर पावटी और सरूरपुर गांव के सेंटर केन रिजर्वेशन में आवंटित नहीं हुए थे।
पिछले दिनों रालोद के वेस्ट यूपी संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान ने किसानों के साथ लखनऊ पहुंचकर गन्ना आयुक्त कार्यालय पर धरना दिया था। गन्ना आयुक्त अजय कुमार सिंह ने फोन पर अधिकारियों से इन सेंटरों का बोर्ड से प्रस्ताव पास कर भेजने को कहा था।
मलियाना और दौराला गन्ना समिति ने दोनों सेंटरों का प्रस्ताव दोबारा भेज दिया है, लेकिन अभी तक इन सेंटरों को नहीं लगाया गया है। उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने बताया कि सरूरपुर गांव का सेंटर मानक में नहीं आ पा रहा है। अफजलपुर पावटी के लिए गन्ना आयुक्त कार्यालय को संस्तुति भेजी गई है। जसड़, भलसौना, खेड़ा और करनावल के लिए दौराला व किनौनी मिल से बात कर जल्द ही समाधान निकाला जाएगा।