मेरठ। नगर आयुक्त ने ने रुपये लेकर विवादित प्रॉपर्टी को एक पक्ष के नाम करने के मामले में हाउस टैक्स अनुभाग के बाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इससे पहले हाउस टैक्स के एक चपरासी के खिलाफ भी रिश्वत मांगने पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
ब्रह्मपुरी क्षेत्र की ऊषा सिंह ने नगर आयुक्त डॉ. अरविंद चौरसिया से शिकायत की थी कि उनकी मां ओमवती ने घर की वसीयत उनके नाम की थी। सबकुछ पता होते हुए भी हाउस टैक्स अनुभाग के लिपिक अनिल चौधरी ने साठगांठ कर घर का नामांतरण उनकी भाभी के नाम कर दिया। आरोप है कि लिपिक ने ऊषा सिंह से भी 40 हजार रुपये की मांग की थी। उसने रुपये नहीं देने पर प्रॉपर्टी दूसरे पक्ष के नाम कर दी। नगर आयुक्त ने फाइल मंगाकर चेक की तो शिकायत सही पाई। इस पर उन्होंने आरोपी बाबू के खिलाफ देहली गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इस संबंध में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बागपत सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने भी नगर आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने के लिए कहा था। इससे पहले हाउस टैक्स के चपरासी परमात्मा शरण के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। नगर आयुक्त डॉ. अरविंद चौरसिया ने बताया कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।