मेरठ। इंस्पेक्टर सुनील की बहादुरी पर पुलिस को गर्व रहेगा। तीन गोली लगने के बावजूद बदमाशों का डटकर मुकाबला किया और अपने साथियों से लगातार बातचीत करते रहे। वह कहते रहे कि मेरे सीने में लगी गोली चाकू से निकाल दो, मेरी जान बच जाएगी। साथी बार-बार सुनील को समझाते रहे कि अस्पताल पहुंच गए और डॉक्टर जल्दी ही गोली निकाल देंगे। यह बात याद करके मुठभेड़ में शामिल एसटीएफ के सदस्य रोते रहे।
एफआईआर के मुताबिक सोमवार रात्रि 11 से 11:30 बजे तक मुठभेड़ चली। सफेद रंग की ब्रेजा कार में बदमाश हरियाणा की तरफ से शामली में आ रहे थे। एसटीएफ के सदस्यों ने टार्च दिखाकर कार रुकने का इशारा किया, लेकिन वो नहीं रुके थे और चौसाना गांव की तरफ भागने लगे। उदपुर गांव स्थित ईंट भट्ठे के पास बदमाशों की घेराबंदी कर ली। ललकारा और गिरफ्तार होने की बात कही। तभी बदमाशों ने एसटीएफ टीम पर गोलियां चला दीं। जिसमें तीन गोली इंस्पेक्टर सुनील को लगी। जवाबी कार्रवाई में गोली एसटीएफ ने भी चलाई। कार चालक बदमाश सतीश गोलियां चलाते हुए भागने लगा। जिसका पीछा हेड कांस्टेबल आकाश दीप और अंकित ने किया।
बदमाशों की तरफ से गोलियां चलना बंद हो गई, तभी एसटीएफ के सदस्य उनकी कार के पास पहुंचे। जहां पर 3 बदमाश कार में और एक बदमाश सड़क पर घायल अवस्था पड़ा था। घायल इंस्पेक्टर को दरोगा जयवीर सिंह और हेड कांस्टेबल विकास करनाल स्थित एक अस्पताल लेकर पहुंचे। तीन गोली लगने के बाद भी सुनील के चेहरे पर खौफ नहीं था। वह कहते रहे कि बदमाश बचने नहीं चाहिए। उनके सीने में लगी गोली चाकू से निकाल दो, मेरी जान बच जाएगी। करनाल से उनको मेदांता में रेफर किया। ऑपरेशन थियेटर में भी सुनील बोलते रहे, जिससे एसटीएफ के सदस्यों को अंदेशा था कि सुनील की जान बच जाएगी।
सुनील को .32 बोर की लगीं गोलियां
कार में बैठे बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। तीन गोली सुनील को लगीं। बताया गया कि .32 बोर की गोलियां सुनील के शरीर से निकली हैं। कारबाइन, पिस्टल और तमंचे से बदमाशों ने एसटीएफ पर गोली चलाई।
एसटीएफ के सदस्यों ने जवाबी कार्रवाई में चलाई गोली
एफआईआर के मुताबिक इंस्पेक्टर सुनील ने एके-47 से गोलियां चलाईं। दरोगा प्रमोद कुमार ने पिस्टल से 3 फायर, दरोगा जयवीर ने एक गोली, हेड कांस्टेबल प्रीतम ने दो फायर, विवेक ने एक, जोशी राणा ने एक, विकास धामा ने एक, रोमिश ने एक, आकाशदीप ने एक और अंकित ने एक गोली चलाई।