दौराला/मेरठ। लगातार बढ़ रहे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) स्तर पर काबू पाने के लिए प्रदूषण विभाग लगातार औद्योगिक इकाईयों व खेतों में पराली व पत्ती जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई कर रहा है। खेतों में पत्ती व पराली जलाने वाले किसानों पर दर्ज मुकदमों को लेकर भाकियू नाराज है। रविवार को कार्यकर्ताओं व किसानों ने दौराला नगर पंचायत में बैठक कर प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी भी किसान के खिलाफ पत्ती व पराली जलाने पर रिपोर्ट दर्ज की गई तो वह खेतों में पड़ी सारी पत्ती व पराली थानों में भर देंगे।
पंचायत कार्यालय के बाहर रविवार को भारतीय किसान यूनियन के युवा जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत के नेतृत्व में हुई बैठक की अध्यक्षता भीष्म सिंह ने की। नवाब सिंह अहलावत ने कहा कि हाइवे, कस्बों, शहर के भीतर व गांवों में धुआं उगलने वाले वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे है। बहुत से ऐसे वाहन है, जो 15 साल से अधिक पुराने है। लेकिन परिवहन विभाग व प्रदूषण विभाग इन वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जबकि सबसे अधिक शहर को प्रदूषित करने में इन वाहनों का हाथ है। प्रदूषण विभाग व प्रशासनिक अधिकारी लगातार किसान का उत्पीड़न करने में लगे है। खेत में पड़ी पत्ती व पराली को जलाने पर किसान के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कहा कि पहले से ही अपनी फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उसे जुर्माने झेलना कठिन हैं। चेतावनी दी है कि यदि खेतों में पराली व पत्ती जलाने वाले किसानों के विरुद्ध रिपोर्ट या जुर्माना लगाया गया तो किसान आंदोलन करेंगे, थानों में पराली व पत्ती भर देंगे। लगभग एक सप्ताह पहले दौराला थाने में पराली जलाने पर बफावत निवासी युद्धवीर के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे को भी किसानों ने एसडीएम सरधना से मिलकर खत्म कराया। बैठक का संचालन ओमकार सिंह ने किया। बैठक में सुधीर कुमार, अरुण पाल सिंह, अमरपाल सिंह, संजीव कुमार, ओमवीर सिंह, बिजेंद्र सिंह, पवन कुमार, कृपाल सिंह, धर्मपाल सिंह, पुष्पेंद्र, विरेंद्र, सतपाल सिंह, महीपाल, सुदेश, मोनू, रविंद्र, आदेश, वेदपाल, ब्रजपाल, मनीष कुमार, गुलवीर व सुनील आदि मौजूद रहे।