हस्तिनापुर सेंक्चुरी में रविवार रात शिकारियों ने एक बारहसिंगा का शिकार करके उसका सिर धड़ से अलग करते हुए खाल उतार ली। इस दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे तो शिकारी मृत बारहसिंगा को छोड़कर भाग निकले।
हस्तिनापुर गंगा तट और यहां का वन क्षेत्र सरकार द्वारा संरक्षित वन क्षेत्र घोषित किया हुआ है। जहां पर जलीय जीवाें के साथ ही पशु पक्षियों का शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित है। बावजूद इसके वन विभाग और पुलिस की लापरवाही के कारण यहां आये दिन शिकार होते रहते हैं। शिकारी यहां पर न केवल प्रवासी पक्षियों का शिकार करते हैं, बल्कि नील गाय, हिरन, बारहसिंगा, खरगोश आदि का भी शिकार करते हैं। सूत्रों की मानें तो इस शिकार के पीछे वन विभाग और पुलिस की साठगांठ के बीच कुछ प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं। जो यह शिकार सिर्फ खाने के लिए ही नहीं बल्कि जंगली जानवरों की खाल और सींग आदि को बेचने के लिए भी करते हैं। क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हिरन और बारहसिंगा के सींगों व खाल की मोटी कीमत मिलती है।