चौधरी चरण सिंह विवि के कॉलेजों में दाखिले के लिए अब तक एक लाख 38 हजार छात्र पंजीकरण करा चुके हैं। 25 जून तक स्नातक में प्रवेश के लिए पंजीकरण होंगे। सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन बीए के लिए हुए हैं। इसके बाद बीएससी और बीकॉम का नंबर आता है। अंतिम तिथि नजदीक आने पर पंजीकरण की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
अभी तक सबसे ज्यादा पंजीकरण मेरठ कालेज में हुए हैं। बीए में 4457, बीकॉम में 3100, बीएससी 4386 में पंजीकरण कराए गए हैं। ओवर ऑल पंजीकरण की बात की जाए तो बीए में 59772 छात्रों ने पंजीकरण कराया है। इसके बाद बीएससी है। अब तक 47494 अभ्यर्थी ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। बीकॉम तीसरे नंबर पर है जिसमें 26020 ने पंजीकरण है। बीएससी एग्रीकल्चर के लिए 5105 छात्रों ने पंजीकरण कराया है। गौरतलब है कि इस बार विवि अपने शैक्षिक सिस्टम को पटरी पर लाने की कोशिशों में जुटा है, जिसके तहत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को जून में कंप्लीट कर जुलाई में मेरिट जारी कर छात्रों को प्रवेश दे देना चाहता है।
विवि गलत सवाल पर देगा अंक
मेरठ। विवि का कहना है अगर पेपर में कोई सवाल गलत आया है तो उसके नंबर छात्र को दिए जाएंगे। विवि ने जिन विषयों की ओएमआर सीट जारी की है, उनमें कई सवाल गलत थे। नंबर देने का फार्मूला विवि ने वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है।
ओएमआर सीट करेगा अपलोड
परीक्षा के दौरान काफी संख्या में ऐसी ओएमआर सीट सामने आई है जिन पर रोल नंबर व नामांकन संख्या छात्रों की तरफ से गलत लिखी गई थी या फिर लिखी ही नहीं गई थी। अब विवि ऐसे उत्तर पुस्तिकाओं को लेकर विवि यह नहीं जान पा रहा है कि ये किस छात्र की है। छात्रों की पहचान करने के लिए ही विवि ने फैसला लिया है कि उन्होंने वेबसाइट पर अपलोड कराया जाए, ताकि कोई भी छात्र अपनी ओएमआर सीट को देखकर आपत्ति दर्ज करा सके।
पीएचडी के लिए 20 जून तक आवेदन
जिन अभ्यर्थियों को पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया से छूट दी गई है वो सभी पीएचडी के लिए 20 जून तक आवेदन कर सकेंगे। जब इससे पहले विवि ने आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 जून निर्धारित की थी। लेकिन छात्रों की तरफ से डेट बढ़ाए जाने की मांग की गई थी। विवि ने नेट व जेआरएफ क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थियों को पीएचडी के लिए आवेदन करने का अंतिम मौका दिया है।