- मेडा ने 11 व 12 फरवरी को किए थे ड्रा, जिनकी संपत्ति नहीं निकली वे लगा रहे प्राधिकरण के चक्कर
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के 11 व 12 फरवरी को हुए ईडब्लूएस व एलआईजी के ड्रा में संपत्ति पाने से वंचित लोगों के खाते में होली के बाद रिफंड पहुंचेगा। बैंकों की छुट्टी के कारण लोगों के खाते में रिफंड नहीं पहुंचा है। होली से पहले इन सभी के बैंक खातों में पंजीकरण की धनराशि पहुंचने का दावा था। अब होली के बाद रिफंड मिलेगा।
मेडा ने गंगानगर लोहिया नगर, वेदव्यासपुरी, सैनिक विहार, श्रद्धापुरी, पल्लवपुरम, पांडव नगर, मेजर ध्यानचंद नगर और शताब्दीनगर में 80 हेक्टेयर जमीन में 1343 प्लॉट निकाले थे। 1987 में जब ये विकास योजनाएं तैयार की जा रही थी तब उस समय के भू उपयोग के अंतर्गत चारागाह की भूमि, टेलीफोन एक्सचेंज की भूमि, पोस्ट ऑफिस की भूमि आदि के लिए जमीन चिह्नित की गई थी। मौजूदा समय में इनकी आवश्यकता नहीं है, जिस कारण लैंड मॉनीटाइजेशन कर इस जमीन पर प्लॉट निकाले गए। इनके लिए नवंबर में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया हुई थी।
इसके अंतर्गत ईडब्ल्यूएस के 78 प्लॉट के सापेक्ष पांडवनगर में 353, सैनिक विहार में 955 और पल्लवपुरम में 229 समेत कुल 1537 आवेदन हुए। इसके अलावा अन्य योजनाओं के 490 प्लॉट के लिए 3690 लोगों ने आवेदन किए थे। 11 फरवरी को ईडब्लूएस और 12 फरवरी को एलआईजी के लिए भामाशाह पार्क विक्टोरिया पार्क में ड्रा कराया गया था। इन सभी को अब आवंटन पत्र जारी किए जा रहे हैं। वहीं जिन लोगों की संपत्ति नहीं निकली थी, वे सभी मेडा दफ्तर के चक्कर काट रहे थे। ऐसे सभी लोगों की सूची संबंधित बैंकों को भेजी जा चुकी है। मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि बैंकों के अवकाश के कारण लोगों के खाते में रिफंड पहुंचने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि होली के बाद एक सप्ताह के अंदर सभी के खातों में रिफंड पहुंचाने की तैयारी है।