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अतिक्रमण का लाल निशान, कागजों पर योजना, सड़क पर जाम

Tue, 13 May 2025 12:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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बिजनौर सिविल लाइन में अतिक्रमण के कारण लगा जाम। संवाद - फोटो : samvad
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बिजनौर। शहर में अतिक्रमण में तंग हो चुकीं सड़कें और बढ़ता वाहनों का बोझ जी का जंजाल बन गया है। अतिक्रमण की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने साल 2024 में बीड़ा उठाया। मकानों और दुकानों पर लाल निशान लगाकर नोटिस तक जारी किए गए। अब निशान भी हल्के पड़ने लगे है, लेकिन धरातल पर कार्रवाई शून्य रही और लोगों को जाम से जूझने के लिए छोड़ दिया गया।
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वर्ष 2024 के मई माह में ही शहर में बढ़ती जाम के समस्या को देखते हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान जोरो शोरो से शुरू हुआ। राजस्व विभाग, पालिका और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने अलग-अलग जगहों पर सड़क और सड़क की जमीन की पैमाइश की। पैमाइश करने के बाद अतिक्रमण की जद में आए भवनों पर लाल निशान लगाए गए। लाल निशान लगाकर लिखा गया था कि कितने मीटर तक सड़क की हद है। सबसे ज्यादा अतिक्रमण नूरपुर मार्ग पर मिला। यहां कुल 164 स्थान अतिक्रमण की जद में पाए गए। इसके अलावा अन्य सड़कों पर भी अतिक्रमण मिला। लोक निर्माण विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किए गए। जून माह में अतिक्रमण को हटाने की चेतावनी दी गई, मगर वह समय अभी तक नहीं आया। व्यवस्था वहीं पुराने ढर्रे पर आने के बाद जाम के हालात जस के तस बने हुए हैं।

...तो जाम का दंश झेलता रहेगा शहर
शहर में दिनोंदिन वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। मगर सड़कों की चौड़ाई नहीं बढ़ रही। सिविल लाइन की बात करें तो यहां अस्थायी अतिक्रमण के चलते दिनभर निकलना मुश्किल रहता है। इसके अलावा अन्य सड़कों पर भी अभी तक डिवाइडर की व्यवस्था नहीं हो चुकी है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए शहर में सड़कों पर डिवाइडर और चौड़ीकरण होना जरूरी है। मगर अभी तक अतिक्रमण पर ही वार नहीं हुआ है। ऐसे में सड़कों का चौड़ीकरण कैसे होगा।
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