निलंबित आईपीएस विवेक कुमार के आवास पर तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
वहीं एसयूवी के अफसरों की जांच के घेरे में बिहार पुलिस के कई थानेदार और पुलिस कर्मी भी आ गए है। बिहार से करोड़ों का कैश कैसे मुजफ्फरनगर के बैंकों तक आया, इसकी तहकीकात हो रही है। एसयूवी की जांच का बिंदु यह भी है कि लेन देन में हवाला का प्रयोग तो नहीं किया गया। मुजफ्फरपुर पुलिस के उन थानेदारों के लोकेशन जानने के लिए उनके मोबाइल फोनों की सीडीआर चेक की जा रही है, जो छापे की कार्रवाई के बाद से भूमिगत हो गए है। आईपीएस के सहारनपुर स्थित पैतृक आवास पर एसयूवी को अघोषित सम्पत्ति के कोई खास दस्तावेज नहीं मिले हैं। पिछले पांच दिनों से एसयूवी के अफसर शहर में ससुराल पक्ष से जुड़े नाते रिश्तेदारों तक पूछताछ में लगे है। यह कार्रवाई अभी कितने दिन और चलेगी, इसका अंदाजा नहीं है। हर रोज नए खुलासे से एसयूवी टीम खुद हैरत में है।
मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर
आईपीएस विवेक कुमार के ससुर वेदप्रकाश कर्णवाल से विजिलेंस टीम किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने नहीं दे रही है। दिन भर टीम के साथ रहने के बाद उन्हें रात में आर्यपुरी स्थित आवास पर पुलिस सुरक्षा में छोड़ा जा रहा है। शहर कोतवाली पुलिस को निर्देश है कि ससुर से किसी को भी नहीं मिलने दिया जाए। एसयूवी टीम ने घर के सभी फोन भी सर्विलांस पर ले रखे है। पटना में मौजूद एसयूवी के आईजी रत्न संजय को पल-पल की खबर दी जा रही है।
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