बदलते मौसम में लापरवाही की तो सेहत पर पड़ेगी भारी, खांसी-जुकाम और बुखार की चपेट में आ जाएंगे
21-22 जनवरी को मौसम में बदलाव की संभावना, वेस्ट यूपी में कुछ स्थानों पर बारिश के आसार
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। रविवार को सूर्य की चमक के आगे सर्दी का असर कम हो गया। धूप इनती तेज थी कि दिन का पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। इससे लोगों को राहत मिली, लेकिन बदलते मौसम में लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। खांसी-जुकाम और बुखार की चपेट में आ सकते हैं। इसलिए अभी सतर्क रहें। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले दो दिन तक मौसम ऐसा ही रहेगा। रात के समय ठंड बढ़ेगी और सुबह कोहरा और पाला दिखेगा।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। सुबह के समय हल्का कोहरा दिखाई दे रहा है। कई दिन से पड़ने वाला भयंकर कोहरे से थोड़ी राहत मिली है, जबकि रविवार की सुबह तेज हवा के चलते कोहरा जल्दी से हट गया। दोपहर में अच्छी धूप खिली तो तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई। काफी दिन बाद दिन का तापमान 20 डिग्री से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री पर रात का न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घंटे में दिन के तापमान में 7.2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। प्रदूषण में भी बढ़ोतरी हुई। मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 192 दर्ज किया गया। इसके अलावा गंगानगर 185, दिल्ली रोड 215, बेगमपुल 160 और जयभीमनगर 210 और पल्लवपुरम 180 रिकॉर्ड किया गया। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि 21 और 22 जनवरी को मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा वेस्ट यूपी में कुछ स्थानों पर बारिश भी होने के आसार है।
बीमारियों का बढ़ा खतरा
मौसम में बदलाव हो रहा है, जो सेहत के लिए खतरनाक है। कभी बारिश हो रही है तो कभी कोहरा। कभी ठंड बढ़ रही है तो कभी दिन में मौसम काफी गर्म हो रहा है। रविवार को तापमान में बढ़ोतरी हुई। तेज धूप से दिन में गर्मी का एहसास हुआ। जल्दी-जल्दी मौसम का यह बदलाव बीमारों की संख्या और बढ़ाएगा।
फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि ऐसे में सबसे ज्यादा संख्या खांसी, जुकाम, बुखार और गले में इन्फेक्शन आदि की होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के घरेलू चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर मर्ज ठीक न हो रहा हो तो चिकित्सीय परामर्श जरूर लें।
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि ऐसे में पौष्टिक भोजन का सेवन कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना भी जरूरी है। अदरक, तुलसी और काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं। सब्जियों के साथ-साथ अपने आहार में आंवला, तुलसी, एलोवेरा, अदरक, इलायची और अजवाइन आदि भी शामिल करें। बच्चों व बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दें। अगर मौसम में बदलाव होता रहेगा तो वे जल्दी सर्दी, खांसी और कफ की चपेट में आ सकते हैं।