संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे की रामलीला में दशहरे से एक दिन पूर्व मेघनाद और कुंभकरण के वध का प्रसंग मंचित किया गया। मंचन की शुरुआत कुंभकरण को जगाने और उसे युद्धभूमि भेजने के प्रसंग से हुई।
भगवान श्रीराम और कुंभकरण के बीच युद्ध के बाद कुंभकरण का वध हुआ। इसके बाद लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच भीषण युद्ध हुआ, जिसमें मेघनाथ मारा गया। पुत्र वियोग में रावण दहाड़ मारकर रोया। मेघनाथ की पत्नी सलोचना के राम शिविर में पहुंचकर सती होने के प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। अगले प्रसंग में हनुमान ने मायावी अहिरावण का वध कर भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को पाताल लोक से मुक्त कराया।
श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गौरव गुर्जर ने बताया कि मंगलवार को रामलीला मैदान में रावण दहन का आयोजन होगा। अर्जुन चौक पर मेले का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्य मंत्री दिनेश खटीक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। रावण दहन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है।