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रैपिड के लिए 28 हेक्टेयर जमीन किराए पर देगा एमडीए, इसलिए बनाया जाना है यार्ड

Wed, 04 Dec 2019 02:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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रैपिड रेल।
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दिल्ली से मेरठ का सफर सुहाना बनाने के लिए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) द्वारा तेज गति से रैपिड रेल का निर्माण कराया जा रहा है। अब एमडीए एनसीआरटीसी को कास्टिंग यार्ड बनाने के लिए शताब्दीनगर में 28 हेक्टेयर जमीन किराए पर देगा। छह दिसंबर को होने वाली बैठक में इस पर प्रस्ताव लाया जाएगा।
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पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक कार्य किया जा रहा है। दूसरे चरण में वर्ष-2020 के मार्च में शताब्दीनगर तक कार्य शुरू होने की संभावना है। अगस्त 2019 में हुई मेरठ विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में रैपिड रेल के लिए कास्टिंग यार्ड की जमीन पर सहमति बनी थी।
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इस जमीन को एनसीआरटीसी को देने के लिए कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने मौका-मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की है। इसके बाद ही जमीन किराए पर देने की बात कही जा रही है। इसके अलावा शताब्दीनगर में स्टेशन के लिए 2269.37 वर्ग मीटर और 4000 वर्ग मीटर अतिरिक्त जमीन देनेे पर भी बैठक में चर्चा होगी। हालांकि, स्टेशन के लिए जमीन एनसीआरटीसी स्थायी रूप से एमडीए से खरीदेगा।

इसलिए बनाया जाना है यार्ड
मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक किए जाने वाले निर्माण के लिए कास्टिंग यार्ड बनाया जाएगा। इस यार्ड में रेलवे ओवरब्रिज के स्लैब, पिलर, टेक्निकल कार्य, क्रेन, मशीनें आदि सामान रखने की व्यवस्था होगी।

वहीं दिन और रात के समय कार्य करने के लिए यहां मजदूरों के लिए रहने की व्यवस्था की जाएगी। इस सीमा में मेट्रो-कम-रैपिड के 12 स्टेशन है। इन स्टेशनों का ही निर्माण किया जाना है। मेरठ तक रैपिड रेल को वर्ष-2025 तक चलाने का लक्ष्य है।
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