मेरठ। 28 महीने बाद आपको रैपिड रेल में सफर का सपना साकार हो सकता है। जिस तेजी से कार्य किया जा रहा है उससे साफ है कि वर्ष-2023 तक पहले चरण में साहिबाबाद से दुुुहाई तक 180 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से रैपिड रेल चलती नजर आएगी। अब हाईस्पीड कॉरिडोर आकार लेने लगा है। पटरियों को बिछाने के लिए वायडक्ट तैयार है और इलेक्ट्रिक लाइन के लिए भी पिलर का कार्य किया जा रहा है।
जिस तेजी के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम की ओर से कार्य किया जा रहा है। उससे परतापुर तक भी रैपिड रेल संचालन की कवायद की जा रही है। जिससे मेरठ से दिल्ली का सफर आसान बनाया जा सके। इसके लिए लगातार केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्र नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने एक महीने पहले दिल्ली से मेरठ तक रैपिड रेल कॉरिडोर का निरीक्षण किया था। उन्होंने ये दावा भी किया था कि वर्ष-2023 दिसंबर तक मेरठ तक रैपिड रेल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इस पर एनसीआरटीसी अधिकारियों ने उनके सामने सहमति भी जताई थी।
केंद्रीय शहरी विकास सचिव ने किया ट्वीट
सचिव दुर्गा शंकर मिश्र लगातार रैपिड रेल कार्यों का जायजा लेते रहते हैं। इसके अलावा वह कार्यों की प्रगति को भी देश को दिखाते रहते हैं। उन्होंने अपने ट्विटर एकाउंट पर कई ट्वीट किए। जिसमें उन्होंने पहले चरण में वायडक्ट का आकार, आनंद विहार में भूमिगत टनल कार्य को दिखाया। वहीं, एनसीआरटीसी के दिल्ली स्थित आईएनए में नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। इस कार्यक्रम को भी उन्होंने ट्वीट किया।
रात में गति पकड़ता है कार्य
मेरठ शहर के बीचोंबीच अब रैपिड रेल का कार्य शुरू कर दिया गया है। दिल्ली रोड पर टीपीनगर तिराहे से आगे रास्ता भी बंद है। भारी भरकम मशीनों की सहायता से भूमिगत टनल को बनाया जाना है। इससे पहले कई मशीनें लगाकर प्राथमिक कार्य किए जाने हैं। इसी को देखते हुए रात 11 बजे के बाद मशीनों से कार्य शुरू कर दिया जाता है। वहीं, अतुल माहेश्वरी सेतु के पास भी रास्ते को डायवर्ट कर मशीनों की सहायता से पिलर में सरिए का स्ट्रक्चर खड़ा किया जाता है। जिससे दिन में किसी भी तरह की यातायात व्यवस्था को बिगड़ने न दिया जा सके। दिन के समय स्ट्रक्चर को जोड़ने का कार्य किया जाता है।