ऊपरी छत के निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद लगभग 257 मीटर लंबे और 32 मीटर चौड़े भूमिगत स्टेशन का कार्य अगले चरण में पहुंच जाएगा। स्टेशन के निर्माण कार्य के लिए टॉप टू डाउन तकनीक प्रणाली अपनाई जा रही है।
दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली रैपिड रेल के लिए स्टेशनों के निर्माण कार्य को शुरू कर दिया गया है। शहर में पहले भूमिगत भैसाली स्टेशन की छत बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
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इसके बाद टनल बोरिंग मशीन की सहायता से प्लेटफॉर्म लेवल बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। भैसाली स्टेशन का प्लेटफॉर्म लेवल जमीन से 82 फीट नीचे रहेगा। प्लेटफॉर्म लेवल का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होने वाला है।
257 मीटर लंबा होगा स्टेशन
ऊपरी छत के निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद लगभग 257 मीटर लंबे और 32 मीटर चौड़े भूमिगत स्टेशन का कार्य अगले चरण में पहुंच जाएगा। स्टेशन के निर्माण कार्य के लिए टॉप टू डाउन तकनीक प्रणाली अपनाई जा रही है।
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इसके अनुसार ऊपरी छत के निर्माण कार्य के बाद नीचे की मिट्टी आदि निकाल कर स्टेशन के कॉनकोर्स लेवल का निर्माण होगा और उसके लिए भी छत बनाई जाएगी। कॉनकोर्स लेवल वो लेवेल होता है जहां यात्रियों के लिए सुरक्षा जांच किओस्क और टिकट काउंटर के अलावा प्लेटफार्म लेवल पर जाने के लिए एएफसी (ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन) गेट आदि होते हैं।
दो मीटर मोटा लोहे का जाल लगा रहे
अभी लगभग 22 मीटर लंबे और 33 मीटर चौड़े छत के विशाल स्लैब की कॉस्टिंग की जा रही है। ऊपरी छत के स्लैब की कॉस्टिंग के लिए लगभग दो मीटर की मोटाई के लोहे के जाल को स्टेशन लगाकर कंक्रीट किया जा रहा है।