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रैपिड रेल : तीन तल का होगा बेगमपुल भूमिगत स्टेशन, 65 फीट नीचे होगा प्लेटफॉर्म

Sat, 28 Aug 2021 10:43 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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एनसीआरटीसी ने रैपिड रेल कॉरिडोर के सबसे ऊंचे मेरठ चौराहा स्टेशन का वास्तविक डिजाइन किया जारी - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में रैपिड रेल कॉरिडोर के सबसे महत्वपूर्ण भूमिगत स्टेशन बेगमपुल पर भी निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। डायफ्राम या डी वाल का कार्य शुरू हो गया है। डी वाल के निर्माण में कुल 112 विशाल मजबूत ढांचे (27 मीटर ऊंचे और 5 मीटर चौड़े) के पैनल का उपयोग किया जा रहा है। तीन तल के इस स्टेशन के प्लेटफार्म का स्तर सतह से 65 फीट नीचे होगा। आकार 246 मीटर लंबा और 26 मीटर चौड़ा होगा।
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बेगमपुल स्टेशन का पहला तल मेजेनाइन होगा। इससे होकर यात्री अन्य दो तलों तक पहुचेंगे। गहरी खोदाई करके दूसरे तल का फ्लोर तैयार किया जाएगा जो कॉनकार्स तल होगा। इस तल पर यात्रियों को टिकट और सुरक्षा जांच के अलावा एटीएम, खान पान सेवाएं, शौचालय व अन्य यात्री केंद्रित सुविधाओं का लाभ उठाने के बाद एएफसी गेट से होकर तीसरे तल यानि प्लेटफार्म पर पहुंचेंगे।

बेगमपुल पर आरआरटीएस ट्रेनों के साथ-साथ ल मेट्रो ट्रेने भी रुकेगी। अन्य दो भूमिगत स्टेशनों मेरठ सेंट्रल व भैसाली पर केवल मेट्रो सेवा मिलेगी। इसलिए यह स्टेशन बाकी के दोनों भूमिगत स्टेशनों से आकार में बड़ा होगा।
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ऐसे किया जाता है निर्माण
डी वाल भूमिगत हिस्से में स्टेशन निर्माण की प्रक्रिया में मिट्टी की खोदाई करते समय एक मजबूत ढाल या फ्रेम की तरह काम करता है। जिससे मिट्टी के गिरने की संभावना कम हो जाती है और साथ ही यह पानी के रिसाव को भी रोकता है। आरआरटीएस के भूमिगत स्टेशन बेगमपुल का निर्माण कार्य ऊपर से नीचे की तरफ किया जा रहा है। दोनों ओर की डी वाल (डायफ्राम वाल) या बाहरी दीवार बनने के बाद छत बनाई जाएगी।

निजी भूमि पर फिर नहीं बनी बात
शहर में रैपिड रेल के नौ स्टेशनों की जमीन पर अभी भी बात नहीं बन पाई है। रैपिड रेल प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक में शुक्रवार को कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने एक बार फिर अधिकारियों को एक सप्ताह का समय देते हुए निजी भूमि से संबंधित प्रकरणों के निस्तारण के निर्देश दिए। 

शहर में मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, डौरली, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम स्टेशन के लिए निजी भूमि की जरूरत है। इन स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारा निजी भूमि की सीमा में आ रहे हैं। कई बार जिलाधिकारी के. बालाजी और एडीएम वित्त सुभाष चंद प्रजापति जमीन मालिकों से वार्ता कर चुके हैं लेकिन जमीन के दामों पर बात नहीं बन रही है।

बेगमपुल स्टेशन के निर्माण के लिए सैन्य भूमि के संबंध में शीघ्र अनुमति के लिए संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया गया। शताब्दी नगर और रिठानी क्षेत्र में कुल 150 वृक्षों को काटने की अनुमति जल्द जारी कराने के लिए जिला वन अधिकारी को निर्देश दिए गए।
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कमिश्नर ने गाजियाबाद में दुहाई स्टेशन से संबंधित भूमि अर्जन के लिए दर निर्धारण को प्राथमिकता पर करने, गाजियाबाद में यूपीएसआईडीसी की आवंटित भूमि को हस्तांतरित किए जाने के संबंध में आवंटी मेसर्स हैवल्स प्राइवेट लिमिटेड से शीघ्र चर्चा कर निस्तारण करने के निर्देश एनसीआरटीसी व यूपीएसआईडीसी के अधिकारियों को दिया।  प्रोजेक्ट मैनेजर, जल निगम, गाजियाबाद को मोदीनगर में सीवर पाइपलाइन कार्य को पूर्ण कराने और बचे हुए कार्य को 15 सितंबर, 2021 तक एनसीआरटीसी को हस्तांतरित कराने के लिए निर्देश दिए। 

छावनी की साढ़े चार एकड़ जमीन से गुजरेगी रैपिड रेल
छावनी की लगभग साढ़े चार एकड़ जमीन पर रैपिड रेल के लिए उपयोग में लाई जाएगी। इसकी कीमत छावनी परिषद ने 75 करोड़ रुपये बताई है। इस प्रस्ताव को एनसीआरटीसी को भेज दिया गया है। रैपिड के एलाइनमेंट में सेना की कई जमीन आ रही हैं। इसमें सभी बिजली लाइनें भूमिगत की जाएंगी। वहीं, एनसीआरटीसी की ओर से कई कार्य किए जाएंगे।

वेंटीलेशन शॉफ्ट के लिए शासन ने मांगी सूचना
केसरगंज में रैपिड रेल के लिए वेंटीलेशन शॉफ्ट का निर्माण किया जाना है। यहां जिला पंचायत की अस्थाई और स्थायी भूमि है। इस मामले में भेजे गए प्रस्ताव में शासन ने एक सूचना मांगी है। बैठक में कमिश्नर ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को दो दिन में शासन को सूचना भेजने के निर्देश दिए। वहीं, उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन के मुख्य अभियंता को परियोजना से प्रभावित हाईटेंशन लाइनों के शिफ्टिंग की कार्रवाई जल्द करने के निर्देश दिए गए। मुख्य अभियंता ने बताया कि बची हुई लाइनों को अक्तूबर- 2021 तक शिफ्ट करा दिया जाएगा।  
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