दरोगा की पत्नी से बंधक बनाकर दुष्कर्म का मामला शुक्रवार लखनऊ तक गूंजा। डीजीपी ऑफिस से सिविल लाइन इंस्पेक्टर से जानकारी ली गई। इससे पहले पुलिस अधिकारियों ने भी मुकदमे में चुप्पी साधी हुई थी।
नामजद आरोपी क्यों नहीं तलाशें
दरोगा की पत्नी के साथ वारदात में पुलिस की लापरवाही भी कम नहीं है। अभी तक नामजद चारों आरोपियों में से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया। आरोपियों की तलाश में दबिश तक नहीं दी गई। पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लाजिमी है।
आखिर क्या है असली बात
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुष्कर्म पीड़िता ने दरोगा पर केस दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना चल रही है। जिसमें कई ऐसी बातें सामने आई। दरोगा की पत्नी द्वारा दर्ज कराए केस को लेकर भी कई चर्चा शहर में चल रही है। सवाल दोनों मुकदमों पर उठ रहे हैं।
दरोगा की पत्नी की तहरीर पर केस सिविल लाइन थाने में दर्ज हुआ है। पुलिस इसकी विवेचना करने में लगी है। पुलिस सभी बिंदु पर बारीकी से जांच करने में जुटी है। जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी
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