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यूपी में दरिंदों के हौसले और बुलंद, 9 साल की बच्ची को बनाया हवस का शिकार

Mon, 23 Apr 2018 11:31 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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फाइल फोटो
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बच्चियों से रेप करने वालों को फांसी की सजा मिलेगी। इस सख्त कानून का असर दरिंदों पर कितना पड़ेगा, इस बात का अंदाजा इसी खबर से लगाया जा सकता है। यहां एक युवक ने 9 साल की बच्ची को हवस का शिकार बनाया। जानिए पूरा मामला... 

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घटना उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की है। दोघट थाना क्षेत्र के एक गांव में नौ वर्षीय मासूम बच्ची के साथ युवक ने दुष्कर्म किया। बच्ची ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना पर एसपी जयप्रकाश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। 

दोघट थाना क्षेत्र के एक गांव में 21 अप्रैल को दोपहर 12 बजे बच्ची मां के साथ खेत में थी। उसकी मां दूसरे खेत में काम करने के लिए चली गई। बच्ची खेत में लगी मचान पर बैठी हुई थी। इसी दौरान एक युवक वहां आया और बच्ची को रुपयों का लालच देकर गन्ने के खेत में ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची चीखने लगी तो आरोपी ने उसका मुंह बंद कर दिया। युवक बच्ची को जान से मारने की धमकी देकर भाग निकला। घटना के बाद बच्ची इतनी डर गई कि उसने मां से कुछ नहीं बताया। शाम को मां-बेटी घर पहुंचे। बच्ची की चाल में बदलाव को देखकर पिता ने वजह पूछी। बच्ची ने रोते हुए पूरी घटना की जानकारी दी। परिजनों ने रात में पुलिस को सूचना दी। सूचना पर एसपी जयप्रकाश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। एसपी के आदेश पर पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में बच्ची के पिता ने एक गांव निवासी आकाश पुत्र बिलेंद्र के खिलाफ धारा 376 व 3/4 पॉक्सो अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया। रविवार को पुलिस ने आरोपी आकाश को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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अश्लील फिल्म देखकर दिया घटना को अंजाम 

फाइल फोटो
आरोपी आकाश ने बताया कि मोबाइल फोन में अश्लील फिल्म देखकर उसने इस घटना को अंजाम दिया है। उसके खेत के पास ही दूसरे खेत में बच्ची व उसकी मां काम करते हैं। उसने पहले कभी भी बच्ची को नहीं देखा था। वह खेत में गया तो बच्ची अकेली थी। इसके बाद उसने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। 

अध्यादेश आते ही दे दिया घटना को अंजाम  
शनिवार को ही प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पॉक्सो एक्ट में बदलाव से जुड़े आपराधिक कानून संशोधन अध्यादेश 2018 को मंजूरी दी गई थी। इसमें 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों से रेप के मामले में न्यूनतम 20 साल कारावास और अधिकतम फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है। इस कानून के बनने के बाद भी अपराधियों पर कोई खासा असर नहीं दिख रहा है, जिसके चलते बागपत में फिर मासूम बच्ची को हवस का शिकार बनाया गया।  

रेपिस्ट को चौराहे पर दी जाए मौत की सजा 
जनपद में मासूम बच्चियों से लेकर वृद्ध महिलाओं तक कोई सुरक्षित नहीं है। आए दिन मासूम बच्चियों व महिलाओं के साथ हो रही रेप की घटनाओं से हर कोई सहमा हुआ है। लोगों का कहना है कि मासूम बच्चियों से रेप करने वालों को फांसी के सजा के बजाए, चौराहों पर खड़ा करके खुलेआम मौत की सजा दी जाए।

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